BH Series Number Plate registration भारत सीरीज नंबर प्लेट के बारे में जानें

BH Series Number Plate : भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से नए वाहनों को गाड़ी नंबर देने की लिए भारत सीरीज (BH registration series) वाहन नंबर जारी किया है इस भारत सीरीज गाड़ी नंबर को लेने वाले गाड़ी मालिकों को दूसरे राज्य में जाने पर गाड़ी ट्रांसफर नहीं करवाना होगा। इस Bh Series Number Plate उन लोगो की लिए सबसे ज्यादा फायदा होगा जिनका ट्रांसफर नौकरी, बिज़नेस या किसी काम की कारण अक्सर शहर बदलता रहता है। वैसे आपके जानकारी के लिए बता दूँ BH Series Vehicle Number वाहन मालिक के मर्जी के ऊपर निर्भर करेगा की वो लेना चाहते है या नहीं।

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अगर आप BH Series Vehicle Number लेना चाहते है या ज्यादा जानकारी चाहते है तो इस पोस्ट को ध्यान से पढ़े इस पोस्ट में मै आपको भारत सीरीज गाड़ी नंबर के बारे पूर्ण जानकारी देने जा रहा हूँ जैसे Bh Series Number के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकते है , BH series vehile registration कैसे होगा और कौन कौन इस भारत सीरीज गाड़ी नंबर को ले सकता है इसके अलावा और भी जरुरी जानकारी इस पोस्ट में दूंगा तो ध्यान से इस पोस्ट को पढ़े।

BH Series Number Plate kya hai / भारत सीरीज वाहन नंबर क्या है ?

भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा नए वाहनों के लिए नया BH Series नंबर प्लेट/ रजिस्ट्रेशन मार्क जारी किया है, जिसे भारत सीरीज ((BH series) वाहन नंबर कहा जाता है. वाहन मालिकों द्वारा भारत सीरीज नंबर के साथ एक बार वाहन को पंजीकृत कर लेने के बाद किसी नये राज्य में जाने पर उसे अपनी कार या बाइक को फिर से पंजीकृत कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. यह प्रावधान हर किसी के लिए नहीं है, बल्कि नयी बीएच सीरीज केवल उन्हीं वाहन मालिकों को मिलेगी, जिनका बार-बार एक से दूसरे राज्य में स्थानांतरण या आवागमन होता रहता है.

BH Series Vehicle Number के लिए कौन कर सकता है आवेदन?

सड़क परिवहन मंत्रालय के द्वारा जो भारत सीरीज गाड़ी नंबर की शुरुआत की है इसको स्वैच्छिक आधार पर वैसे लोग या कर्मचारी ले सकते है जो सरकारी और प्राइवेट सस्थानों में काम करते है प्राइवेट सस्थानों के वैसे कर्मचारी आवेदन कर सकते है जिनके चार से ज्यादा राज्यों में ऑफिस है नीचे लिस्ट दिया गया है जो BH Series Vehicle Number के लिए आवेदन कर सकते है

  • केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी निजी वाहन के लिए
  • निजी क्षेत्र की कंपनियों के वाहन
  • रक्षा कर्मियों के वाहन के लिए
  • सार्वजनिक उपक्रमों के वाहन
  • संगठनों के स्वामित्व वाले निजी वाहन

ऊपर दिए गए लिस्ट में से किसी भी क्षेत्र के वाहन मालिक नई गाड़ी लेने पर भारत सीरीज गाड़ी नंबर के लिए आवेदन कर सकते है

ऐसी दिखेगी नई BH सीरीज की नंबर प्लेट

BH Series नंबर प्लेट की शुरुआत रजिस्ट्रेशन साल के अंतिम दो अंक YY ( Year of First Registation ) से होगी. इसके बाद BH होगा और आगे का कुछ नंबर होगा और अंत में AA से लेकर ZZ तक कुछ अल्फाबेट होग। उदाहरण इस तरह है ” 21 BH 00045 AA “

bh series registration charges भारत सीरीज वाहन नंबर रोड टैक्स

बीएच सीरीज के तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में वाहन मालिकों के पास दो साल, चार साल, छह साल यानी दो के गुणकों में रोड टैक्स का भुगतान करने का विकल्प होगा. उन्हें आरटीओ के पास नहीं जाना होगा, यानी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी.

भारत सीरीज नंबर प्लेट के लिए मंत्रालय ने 10 लाख रुपये तक की लागत वाले वाहनों के लिए 8 प्रतिशत, 10 से 20 लाख रुपये की लागत वाले वाहनों के लिए 10 प्रतिशत और 20 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले वाहनों के लिए 12 प्रतिशत रोड टैक्स निर्धारित किया गया है. डीजल वाहनों के लिए दो प्रतिशत अतिरिक्त और इलेक्ट्रिक वाहनों पर दो प्रतिशत कम कर लगाया जायेगा.

बीएच सीरीज नंबर की गाड़ी के फायदे

वर्तमान में नये वाहन की खरीद करने पर एडवांस में 15 वर्ष का रोड टैक्स जमा कराना होता है. अगर आप अपनी गाड़ी दूसरे राज्य में ले जाते हैं, तो वहां फिर से पंजीकरण कराना होता है. यदि कोई गाड़ी दो साल पुरानी है और दूसरे राज्य में रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं तो दोबारा 12 या 13 वर्षों के टैक्स का भुगतान करना होता है. साथ ही उन्हें उस राज्य से पहले से भुगतान की गयी राशि का दावा करने की जरूरत है जहां वाहन मूल रूप से पंजीकृत था. राज्यों में अलग-अलग रोड टैक्स निर्धारित किये गये हैं.

भारत सीरीज नंबर प्लेट नये सिस्टम में दोबारा से वाहन पंजीकरण की जरूरत नहीं होगी और आरटीओ ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बीएच सीरीज की गाड़ी होने पर एक राज्य से दूसरे राज्य में आसानी से अपनी गाड़ी ले जा सकेंगे.

क्या है अभी वाहन पंजीकरण और संचालन प्रावधान?

भारत में अलग-अलग राज्यों में सड़क और परिवहन से जुड़े अनेक प्रावधान हैं. मौजूदा प्रावधानों के तहत किसी दूसरे राज्य में जाने पर वाहन मालिकों को पंजीकरण और वाहन संचालन आदि से जुड़ी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. मसलन, रोड टैक्स, संबंधित राज्य में पंजीकरण, मूल राज्य से एनओसी प्राप्त करने में अनेक बाधाएं आती हैं, जिसे दूर करने के लिए भारत सीरीज (बीएच) नंबर का प्रावधान किया जा रहा है.

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-47 के अनुसार, एक वाहन मालिक मौजूदा पंजीकरण के साथ दूसरे राज्य में 12 महीने से अधिक वाहन नहीं चला सकता है. 

अगर आपका गाड़ी BH नंबर का नहीं है तो दूसरे राज्य में स्थानांतरण होने पर अगर आप वह अपने वाहन उपयोग करना चाहते हैं, तो जिस राज्य से आपका गाड़ी रेजिस्टर्ड है, वहां से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट ( NOC ) लेना होगा. नये राज्य में नया गाड़ी नंबर लेने के लिए आवेदन करते समय एनओसी की अति आवश्यक होता है इसके बिना गाड़ी ट्रांसफर नहीं हो पायेगा।

नए राज्य में ट्रांसफर के समय रोड टैक्स भी देना होता है। उसके बाद वाहन मालिक पुराने राज्य में रोड टैक्स रिफंड के लिए आवेदन करता है.

वाहन रोड टैक्स वापस कितना वापस होता है?

जब कोई व्यक्ति नया निजी वाहन खरीदता और उसे गाड़ी नंबर के लिए रजिस्ट्रेशन कराता है, तो राज्य सरकार द्वारा वाहन मालिक से 15 वर्ष के लिए रोड टैक्स अग्रिम रूप से लेता है. जब वाहन मालिक द्वारा दूसरे राज्य में वाहन ट्रांसफर करने पर 15 वर्ष में से जितनी अवधि बची हुई है, उतनी अवधि का रोड टैक्स पुराने राज्य के द्वारा वापस कर दिया जाता है.

उदाहरण के लिए मान लीजिये की पंजीकृत होने के छह वर्ष बाद वाहन दूसरे राज्य में ट्रांसफर हो जाता है तो पुराने राज्य के द्वारा आवेदन करने पर नौ वर्षों का रोड टैक्स वापस कर दिया जाता है जो उसने पंजीकरण के समय अग्रिम रूप से लिया था.

वही नये राज्य में वाहन मालिक को वाहन पंजीकरण की शेष अवधि, जैसे नौ वर्षों के लिए ही रोड टैक्स का भुगतान करना होगा.

BH Series Number Plate Registration

बीएच सीरीज नंबर प्लेट रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते है . बीएच नंबर खुद से ही जेनरेट होंगे. बीएच सीरीज नंबर प्लेट सफेद बैकग्राउंड पर ब्लैक टेक्स्ट के साथ आयेगी. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा बीएच नंबर प्लेट रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया के बारे में अभी विस्तार से जानकारी नहीं दी गयी है. हालांकि, नये और पुराने वाहनों के लिए यह प्रक्रिया लगभग एक जैसी ही रहेगी.

सरकारी कर्मचारी सरकारी क्षेत्र में कार्यरत वाहन मालिक को आधिकारिक पहचान पत्र को वाहन रजिस्ट्रेशन दस्तावेज के साथ अटैच करना होगा। वही निजी क्षेत्र की कंपनी या संगठन में काम करनेवाले वाहन स्वामी के पास बीएच रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने के लिए एक फॉर्म-60 होना चाहिए.

वाहन नंबर प्लेट के अलग-अलग रंग का मतलब

  •  सफेद : यदि किसी वाहन का नंबर प्लेट सफेद और उस पर ब्लैक फॉन्ट है. तो वाहन निजी है और इसका व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता. 
  • पीला : यदि वाहन कानंबर प्लेट पीला है और उस पर काला फॉन्ट है, तो वह एक कॉमर्शियल यानी व्यावसायिक टैक्सी या ट्रक है.हालांकि, ऐसे वाहन को चलाने के लिए वाहनचालकको पंजीकरण प्राधिकारी से परमिट लेने की आवश्यकता होती है. 
  • नीला: यदि वाहन का नंबर प्लेट नीले रंग का है और उस पर सफेद टेक्स्ट है, तो यह एक ऐसा वाहन है, जिसका उपयोग विदेशी प्रतिनिधिद्वारा किया जा रहा है. ऐसे वाहन के नंबर प्लेट में स्टेट कोड की जगह कंट्री कोड लिखा होगा. 
  • काला: यदि वाहन का नंबर प्लेट काले रंग का और उस पर पीले रंग का फॉन्ट है, तो इसका अर्थ है कि वह वाहन कॉमर्शियल है और वह किसी निजी व्यक्ति का है एवं उसने उसे चलाने के लिए किसी और को किराये पर दे रखा है.ऐसे मामले में ड्राइवर द्वारा परमिट की आवश्यकता नहीं होती है.
  • लाल: यदि वाहन का नंबर प्लेट लाल है, तो उसका उपयोग भारत के राष्ट्रपति या किसी राज्यपाल द्वारा किया जा रहा है. 
  • अपवर्ड ऐरोयानी ऊपर की तरफतीर का चिह: ये सैन्य वाहन होते हैं, जिनमें किसी दूसरे प्रकार के वाहन की तलना में नंबर प्लेट के लिए अलग प्रणाली का उपयोग होता है. इस प्रणाली में आरंभ में चौड़े तीर का प्रयोग होता है और राज्य कोड की जगह वाहन निर्माण का वर्ष लिखा होता है. एक वाहन के नंबर प्लेट में बहुत सारे घटक होते हैं, जिसके बारे में जानना किसी भी ड्राइविंग लाइसेंस धारक के लिए आवश्यक है.

जाने दूसरे देशों के नंबर प्लेट :-

हर नंबर की एक खासियत होती है.भारत ही नहीं दुनिया के कई अन्य देशों में भी इसे भाग्य, आकर्षण और प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाता है. कई बार कार मालिक किसी खास नंबर को हासिल करने के लिए बड़ी रकम देने को तैयार होते हैं.आधिकारिक तौर पर भी सड़क परिवहन प्राधिकरण ग्राहक की इच्छा के अनुरूप नंबर के लिए अधिक रकम वसूलते हैं. चलिए आपको बताते है कि दुनिया के कुछ खास देशों में कैसे और किस प्रकार के नंबर प्लेट जारी किये जाते हैं.

ब्रिटेन गाड़ी नंबर प्लेट :

ब्रिटेन में कारों के लिए नंबर एए-बीबीआरएएन प्रारूप में जारी होते हैं. इसमें पहला ए-एरिया, दूसरा ए-ऑफिस, बीबी-कार निर्माणका वर्ष और आरएएन-रैंडम रजिस्ट्रेशन नंबर होता है, जोहर एक कार के लिए यूनीक होता है.

अमेरिका गाड़ी नंबर प्लेट:

अमेरिका में राज्यवार स्थिति अलगअलग होती है. डेलवेयर और रोड आइसलैंड जैसे छोटे राज्यों में नंबर 12345 के प्रारूप में, जबकि बड़े राज्यों में एबीसी-12345 के प्रारूप में जारी होते हैं. नंबर प्लेट में राज्यों द्वारा अलग-अलग रंग और थीम का इस्तेमाल किया जाता है.

चीन गाड़ी नंबर प्लेट:

प्लेट पर अंग्रेजी और चीनी लिपि का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें प्रांत के प्रतीक के साथ-साथ पांच अंकों में नंबर लिखा जाता है.

जापान गाड़ी नंबर प्लेट :

नंबर प्लेट पर दो रेखाएं होती हैं.ऊपर की रेखा प्लेट के जारी होनेवाले स्थान और वाहन के वर्ग कोड को तथा नीचे की रेखा सीरियल नंबर को प्रदर्शित करती है.

जर्मनी गाड़ी नंबर प्लेट :

जर्मनी में 1870 के दशक से ही नंबर प्लेट जारी किये जाते हैं.पहली बार इसे बाइसाइकिल के लिए जारी किया गया था. इसके बाद कई तरह के नवाचार हुए. एक से तीसरे अक्षर तक शहर या जिले को, नीली पट्टी में सितारे से यूरोपीय यूनियन और जर्मनी के कंट्री कोड को और इसके बाद वाहन के यूनीक अंक को लिखा जाता है.

फ्रांस गाड़ी नंबर प्लेट

फ्रांस में पहली बार किंग लुइस 16वें के आदेश पर 1783 में नंबर प्लेट जारी किया गया था. वर्तमान में एलएल-डीडीडी-एलएल के प्रारूप में नंबर होता है. इसमें घेरे के साथ नीली पट्टी यूरोपीय समूह को और एफ फ्रांस के इंटरनेशनल कोड को प्रदर्शित करता है. इसके बाद वाहन का यूनीक नंबर लिखा होता है.

इटली गाड़ी नंबर प्लेट :

नंबर प्लेट को एलएल-123-डीडी के प्रारूप में लिखा जाता है. पहले दो अक्षर कोई भी दो अल्फान्यूमेरिक हो सकते हैं. हालांकि, इसमें मूलस्थान का संकेत नहीं दियाजाता है. इसके बाद अनुक्रमिक दशमलव संख्या हो सकती है.अंतिम दो अक्षर अल्फा न्यूमेरिक संख्याएं होती हैं.

स्पेन: अल्फा-न्यूमेरिक प्लेट की शुरुआत करने का श्रेय स्पेन को है.रजिस्ट्रेशन नंबर में चार अंकों के बाद तीन अक्षर होते हैं. सफेद पृष्ठभूमि पर काले अक्षरों में लिखा जाता है.

नेपाल गाड़ी नंबर प्लेट :

नंबर प्लेट पर नेपाली अक्षरों और अंकों को प्रदर्शित किया जाता है.वाहनों के इस्तेमाल करने के आधार पर प्लेटों का रंग निर्धारित होता है.

अफगानिस्तान गाड़ी नंबर प्लेट :

नंबर प्लेट काले रंग में होता है और उस पर सफेद अरबी अक्षरों में लिखा जाता है. प्लेट के बायीं ओर देश का प्रतीक लगाया जाता है.

आज के इस पोस्ट में मैंने आपको बताया की भारत सीरीज नंबर क्या है bh series number plate registration कैसे कर सकते है bh series registration charges क्या है इसके अलावा सभी जरुरी जानकारी दिया है उम्मीद है आपको सभी जानकारी मिल गया होगा। अगर Bh Series Number Plate (भारत सीरीज गाड़ी) से जुड़े कोई सवाल है तो नीचे कमेंट कर के पूछ सकते है।

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