भ्रमण-दर्शन योजना बिहार ऑनलाइन आवेदन | bhraman-darshan yojana

बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2021-22 के लिए “भ्रमण-दर्शन योजना” अंतर्गत आवेदन ऑनलाइन आवेदन शुरू किया गया है जिससे मत्स्य कृषकों को राज्य के अंदर ही विकसित आर्द्रभूमि प्रक्षेत्रों (जिसमें चौर विकास एवं समेकित मत्स्य पालन आदि शामिल हो), बायोफ्लॉक तकनीक आदि का भ्रमण-दर्शन कराना है ताकि किसान इसका अनुकरण कर नवीनतम तकनीक से मत्स्य पालन कर सकें।

भ्रमण-दर्शन योजना का मुख्य उद्देश्य

भ्रमण-दर्शन योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार के मत्स्य कृषकों को भ्रमण दर्शन करा कर मात्स्यिकी के नवीनतम तकनीक से अवगत कराना है ताकि वे प्रेरित होकर इस तकनीक को अंगीकार करते हुए अपने-अपने जलश्रोतों में लागू करते हुए लाभान्वित हो सकें। साथ ही इस स्कीम के सफल क्रियान्वयन से मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता में अभिवृद्धि हो सकेंगी तथा रोजगार के नये अवसर के सृजन एवं मत्स्य पालकों के वार्षिक आय में भी बढ़ोतरी हो सकेगी

। इस स्कीम के तहत 12000 मत्स्य कृषकों को राज्य के अन्दर भ्रमण दर्शन कराया जायेगा।यह भ्रमण-दर्शन योजना बिहार के सभी जिलों में चलाया जायेगा। इस भ्रमण-दर्शन योजना के तहत राज्य के अंदर ही विभिन्न जिलों में विकसित आर्द्रभूमि प्रक्षेत्रों (जिसमें चौर विकास एवं समेकित मत्स्य पालन आदि शामिल हो), बायोफ्लॉक तकनीकी, आर्द्रभूमि का विकास, समेकित मत्स्य पालन आदि विकसित मत्स्य प्रक्षेत्रों का भ्रमण दर्शन कराना है जिससे किसान अपने जिलों में भी इसका अनुकरण कर नवीनतम तकनीक से मत्स्य पालन कर सकें। इससे न केवल मत्स्य उत्पादन में अभिवृद्धि हो सकेगा बल्कि उनके वाषिक आय में भी बढोतरी होगी तथा सरकार के 2022 तक कृषकों के वार्षिक आय को दोगुना करने में भी सहायक होगा।

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400 बैचों का कराया जायेगा भ्रमण दर्शन

इस कार्यक्रम के तहत राज्य के कुल 12000 मत्स्य कृषकों को 400 बैचों (30 मत्स्य कृषक प्रति बैच) में मत्स्य प्रक्षेत्रों आदि का दो दिवसीय भ्रमण दर्शन उपलब्ध कराया जायेगा। भ्रमण दर्शन कार्यक्रम हेतु संबंधित जिला मत्स्य पदाधिकारी-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, अपना जिला सहित अन्य जिलों में विकसित आर्द्रभूमि प्रक्षेत्रों (जिसमें चौर विकास एवं समेकित मत्स्य पालन आदि शामिल हो) बायोफ्लॉक इकाई, विकसित मत्स्य प्रक्षेत्र आदि का चयन करेंगे तथा रूट चार्ट इस प्रकार तैयार करेंगे ताकि कम से कम दो इकाईयों का भ्रमण हो सके। ऐसी स्थिति में चिन्हित इकाईयों के मालिक/ संचालक को 50 रूपये प्रति लाभूक तथा दो से अधिक हो तो उन्हें समानुपातिक राशि प्रति लाभूक के दर से प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जायेगा ताकि वे लाभार्थियों को अच्छी तरह से तकनीकी जानकारी की बारीकियों को बता एवं दिखा सके।

भ्रमण-दर्शन योजना के लिए लाभूकों का चयन की पात्रता :

इच्छुक मत्स्य पालक जो निजी/पटटा पर अथवा सरकारी तालाब/ जलकर में मत्स्य पालन कार्य कर रहे हो।
इच्छुक कृषक जो मत्स्य पालन करना चाहते हों तथा विभाग के द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय में आवेदन समर्पित किया हो।
प्रखंड स्तरीय मत्स्यजीवी सहयोग समिति के प्रगतिशील सक्रिय सदस्य हों।
ऐसे प्रगतिशील मत्स्य पालक जो विभागीय योजनान्तर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर सफलता पूर्वक मत्स्य पालन का कार्य कर रहें हो।
ऐसे कृषक जो मत्स्य पालन करना चाहते हो तथा उनके पास समुचित संसाधन उपलब्ध हो।

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Bhraman Darshan Yojana Biharआवेदन की प्रक्रिया:

भ्रमण-दर्शन योजना में भाग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन fisheries.ahdbihar.in पर कर सकते है। जिसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि:- 16.08.2021 तक रखी गई है।

इस योजना में भाग लेने के लिए सबसे पहले fisheries.ahdbihar.in वेबसाइट पर जाना होगा इस वेबसाइट पर जाने के बाद Login
का बटन देखेगा जिस पर क्लिक करने के बाद http://misfisheries.ahdbihar.in/ वेबसाइट खुल जायेगा। इस वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा। अगर आपका कॉउंट नहीं है ऐसे में अकाउंट बनना होगा , जिसके लिए नीचे दिए गए वीडियो को देख सकते है

जब लॉगिन हो जायेगा उसके बाद ” मत्स्य प्रशिक्षण योजना हेतु आवेदन पत्र ” वाले मेनू में से भ्रमण दर्शन सह प्रशिक्षण पर क्लिक करना होगा।

भ्रमण दर्शन-सह-प्रशिक्षण योजना हेतु आवेदन पत्र
भ्रमण दर्शन-सह-प्रशिक्षण योजना हेतु आवेदन पत्र

जिसके बाद एक फॉर्म खुलेगा इस फॉर्म को भर कर आवेदन प्रकिर्या को पूर्ण करना है जिसके बाद अगर आपका चयन किया जाता है तो आपको भ्रमण दर्शन सह प्रशिक्षण के लिए भुलाया जायेगा

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