बिहार बोर्ड के छात्रों का कॉलेज में एडमिशन पाने में पिछड़ना तय

बिहार बोर्ड छात्र एडमिशन: देश में सबसे पहले बोर्ड परीक्षाएं लेकर परिणाम घोषित करने वाले बिहार बोर्ड है। इस साल बिहार बोर्ड के 12वीं के छात्रों का कॉलेज में एडमिशन पाने में और प्रतियोगी परीक्षाओं में पिछड़ना तय हो गया है । जहाँ सीबीएसई(CBSE ) समेत लगभग सभी स्टेट बोर्ड्स का इस साल का रिजल्ट बेहतर आया है। और 60 % पाने वाले विद्यार्थी की संख्या भी बड़ी है। वही बिहार ही एक ऐसा राज्य है जहां पिछले साल की तुलना में इस साल कुल पास विद्यार्थी में भी गिरावट आई है।

2020 में बिहार बोर्ड का 12वीं का परिणाम 80.44 फीसदी था जो इस साल 78.04 फीसदी रहा। इस साल केबल 27% (361597) छात्र ही फर्स्ट डिवीजन प्राप्त किये है। 40% (542993) छात्र सेकंड डिवीजन और 10% (141352) छात्र थर्ड डिवीजन प्राप्त किये है। इस साल टॉपर के भी 95 % अंक नहीं आये है। साइंस व कॉमर्स टॉपर के 94.2% व आर्ट्स टॉपर के 92.6% अंक ही हासिल हुए है

Bihar Board Important Point

Organization Name Bihar Secondary Education Board (BSEB)
Website http://biharboardonline.bihar.gov.in
Result Announcement Date26th March, 2021 at 03:00 PM
Passing Percentage78.04 %( 13,40,267 )
StreamScience, Commerce and Arts
Science & Commerce Topper Percentage 94.2%
Arts Topper Percentage 92.6%

बिहार से सबसे अधिक छात्र डीयू जाते हैं। पिछले साल के आंकड़ों को देखें तो डीयू से संबद्ध कई कॉलेजों में यूजी में प्रवेश के लिए पहला कटऑफ 100% तक रहा। इस साल सीबीएसई के 70 हजार छात्रों ने ही 95% से अधिक अंक पाए हैं। महाराष्ट्र बोर्ड में एक लाख छात्रों के 90 फीसदी से अधिक अंक हैं। राजस्थान में 99% फर्स्ट डिवीजन है। ऐसे में इस साल बिहार बोर्ड के छात्रों को इन कॉलेजों में प्रवेश में दिक्कत होगी।

जामिया, बीएचयू सहित अधिकांश शीर्ष विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए एंट्रेंस में 12वीं में कम से कम 50 फीसदी अंक होने चाहिए। ऐसे में बिहार के डेढ़ लाख छात्र ये परीक्षाएं नहीं दे पाएंगे। राज्य की यूनिवर्सिटीज में सीबीएसई के छात्रों को तो फायदा मिलेगा ही साथ ही अन्य राज्यों के ज्यादा अंक पाने वाले छात्र भी इनमें प्रवेश ले पाएंगे।

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बिहार बोर्ड छात्र एडमिशन – प्रतियोगी परीक्षाओं में नहीं हो पाएंगे शामिल

सेना में टेक्निकल एंट्री के लिए 70%, नीट के लिए पीसीबी में 50% अंक जरूरी हैं। कई भर्तियों के लिए 12वीं में 60% मार्क्स चाहिए। ऐसे में सेकेंड डिवीजन वाले साढ़े 5 लाख छात्रों में कइयों के अंक 50 प्रतिशत से कम हैं। ये इन प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाएंगे। स्थानीय कॉलेजों में दिक्कत नहीं आएगी लेकिन बड़ी यूनिवर्सिटीज जिनमें कटऑफ हाई जाता है। वहां बिहार के छात्र पिछड़ेंगे।


Compare with other board

बिहार बोर्ड78.04%
गुजरात बोर्ड100%
राजस्थान बोर्ड99%
हरियाणा बोर्ड100%
छत्तीसगढ़ बोर्ड97.43%
सीबीएसई बोर्ड99.73%

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