डिजिटल मार्केटिंग – Digital Marketing kya hai Course Job Internship in Hindi

इन दिनों इंटरनेट पर लोगों के बीच डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) बेहद लोकप्रिय है। डिजिटल मार्केटिंग के बारे में आज के समय में इंटरनेट पर काफी कुछ सर्च किया जा रहा है, जिसमें सबसे अधिक यही सर्च किया जाता है कि Digital Marketing क्या है? और डिजिटल मार्केटिंग कैसे सीखे? अथवा Digital Marketing कैसे करें? यही नहीं digital marketing internship कैसे करे। डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर बनना भी बताएंगे।

डिजिटल मार्केटिंग का क्षेत्र बहुआयामी और रोज डेवलप होने वाला क्षेत्र भी है। इंटरनेट यूजर रोज बढ़ रहे हैं और ऑनलाइन बिजनेस भी, इसीलिए यह एक अच्छा करियर ऑप्शन है। यही नहीं आज के टाइम में Digital Marketing बहुत ही बढ़िया इनकम सोर्स बनकर उभर रही है। डिजिटल मार्केटिंग की फील्ड में अगर आप अपने पैर अच्छे से जमा लेते हैं, तो आप महीने में लाखों रुपए भी ऑनलाइन अर्न कर सकते हैं और इसका फ्यूचर स्कोप भी काफी बढ़िया है, क्योंकि आने वाले टाइम में अधिकतर काम ऑनलाइन ही होने वाले हैं।

भारत में वर्ष 2025 तक डिजिटल मार्केटिंग का बाजार बढ़कर 160 अरब डॉलर का हो जाएगा, क्योंकि अब छोटे से लेकर बड़े व्यापारी और कंपनियां, सभी डिजिटिल मार्केटिंग का सहारा ले रहे हैं। इसीलिए इस क्षेत्र में कई नए अवसर बन रहे हैं। अच्छी बात यह है कि यहां जितने मौकेफ्रेशर के लिए हैं, उतने ही अवसर मार्केटिंग प्रोफेशनल के लिए भी हैं। चूंकि Digital Marketing , ऑनलाइन मार्केटिंग से काफी अलग है, इसीलिए इसका विस्तार काफी ज्यादा है।

What is digital marketing? / डिजिटल मार्केटिंग क्या है?

डिजिटल मार्केटिंग कुल 2 प्रकार के शब्दों को आपस में जोड़ करके बना हुआ है, जिसमें डिजिटल से तात्पर्य किसी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साधन जैसे इंटरनेट से है दूसरी तरफ मार्केटिंग से तात्पर्य प्रचार से है।

दूसरे शब्दों में कहें तो डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे कि इंटरनेट और दूसरे तरीकों का इस्तेमाल हम जिस सेवा या फिर उत्पाद की बिक्री करने हेतु करते हैं, उसे ऑनलाइन मार्केटिंग या फिर डिजिटल मार्केटिंग कहकर बुलाया जाता है। डिजिटल मार्केटिंग घर बैठे ही ऑनलाइन स्मार्टफोन या फिर लैपटॉप, कंप्यूटर की हेल्प से की जाती है।

digital marketing manager kaise bane -डिजिटल मार्केटिंग

पहले के समय में ऑफलाइन मार्केटिंग अधिक की जाती थी, परंतु कस्टमर्स तक आसानी से पहुंच होने के कारण अब कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट या फिर सर्विस के प्रचार प्रसार के लिए डिजिटल मार्केटिंग अथवा ऑनलाइन मार्केटिंग का सहारा ले रही हैं। डिजिटल मार्केटिंग का यूज करके कंपनी बड़ी ही आसानी से थोड़े से पैसे खर्च करके आज करोड़ों लोगों तक सीधा अपने प्रोडक्ट को पहुंचा रही है, जिससे कंपनी को फायदा भी हो रहा है।

Digital Marketing मेंउपभोक्ता तक पहुंचने के लिए विविध डिजिटल चैनलों को माध्यम बनाकर उत्पाद एवं सेवाओं का प्रचार और व्यापार प्रचार किया जाता है। डिजिटल मार्केटिंग में इंटरनेट ही नहीं, एसएमएस और एमएमएस, सोशल मीडिया के मंचों, डिस्प्ले एडवरटाइजिंग, सर्च इंजन मार्केटिंग आदि का इस्तेमाल किया जाता है। यह अभी उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसमें लगातार नए प्रयोग देखने में आ रहे हैं। लोकिन, इसमें कोई शक नहीं कि आप इसका कोर्स करकेमार्केटिंग की डिग्री को और लाभदायी बना सकते हैं और आज के दौर की मांग के अनुसार खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर सकते हैं।

डिजिटल मार्केटिंग किसे कहते हैं?

किसी प्रोडक्ट या सर्विस की इंटरनेट, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से की जानेवाली मार्केटिंग को डिजिटल मार्केटिंग या ऑनलाइन मार्केटिंग कहते हैं. यह इंटरनेट मार्केटिंग की एक प्रमुख प्रक्रिया है, जिसमें सोशल मीडिया, मोबाइल, इ-मेल, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन, सर्च इंजन मार्केटिंग, सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन, सोशल मीडिया मार्केटिंग आदि का प्रयोग किया जाता है.

कोरोना वायरस का सामना करने के बाद विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों का डिजिटल मार्केटिंग पर भरोसा पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है. जिन कंपनियों ने अब तक अपने प्रोडक्ट व सर्विस की मार्केटिंग के लिए इस माध्यम को नहीं अपनाया था, अब उन्होंने भी इसकी शुरुआत कर दी है. इसी के चलते डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है. अनुमान है कि आनेवाले दिनों में यह रोजगार देनेवाले बड़े क्षेत्र के रूप में उभरेगा.

सरल शब्दों में कहें, तो सस्ते डेटा और किफायती स्मार्टफोन ने लोगों के बीच इंटरनेट की पहुंच को आसान बना दिया है. लोग ऑनलाइन गतिविधियों में पहले से ज्यादा समय बिता रहे हैं. ऐसे में कंपनियों के लिए वेबसाइट्स पर दिखनेवाले विज्ञापनों के जरिये ग्राहकों तक अपने प्रोडक्ट्स व सेवाओं से संबंधित जानकारी को पहुंचाना आसान हो गया है. अखबार व टेलीविजन विज्ञापनों के मुकाबले कंपनियों के लिए डिजिटल मार्केटिंग को अपनाना सस्ता भी पड़ता है.

डिजिटल मार्केटिंग क्यों जरूरी है?

डिजिटल मार्केटिंग अथवा ऑनलाइन मार्केटिंग निम्न कारणों से आवश्यक मानी जाती है।

  • अगर आप तेजी से अपने प्रोडक्ट या फिर अपनी सर्विस को प्रमोट करना चाहते हैं, तो आपको डिजिटल मार्केटिंग का सहारा लेना चाहिए।
  • ऑफलाइन मार्केटिंग की तुलना में ऑनलाइन मार्केटिंग बहुत ही कम पैसे में की जा सकती है।
  • ऑनलाइन मार्केटिंग अथवा डिजिटल मार्केटिंग की हेल्प से आपको कम समय में काफी तगड़े रिजल्ट प्राप्त होते हैं।
  • डिजिटल अथवा ऑनलाइन मार्केटिंग की सहायता से आप अपने टारगेट ऑडियंस तक अपनी पहुंच बना सकते हैं।
  • डिजिटल मार्केटिंग करने से कम समय में ही लोग आपकी कंपनी अथवा सर्विस या फिर प्रोडक्ट के बारे में जानने लगते हैं।

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आप बना सकते हैं इसमें करियर

किसी भी संकाय में स्नातक करनेवाले उम्मीदवार डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं, लेकिन स्पेशलाइनजेशन करनेवाले युवाओं को आगे बढ़ने के ज्यादा विकल्प मिलते हैं. इसके लिए आप किसी मान्यताप्राप्त संस्थान से एडवांस्ड प्रोग्राम इन डिजिटल मार्केटिंग, डिप्लोमा इन ऑनलाइन मार्केटिंग, एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम इन ऑनलाइन मार्केटिंग, डिजिटल मार्केटिंग सर्टिफिकेट कोर्स (digital marketing course ) आदि कर डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर बन सकते हैं.

डिजिटल मार्केटिंग कोर्स के दौरान मुख्य रूप से ऑनलाइन एडवरटाइजिंग स्ट्रेटजी, मार्केटिंग कैंपेन एनालिसिस, कम्युनिकेशन स्ट्रेटजी, टेक्नोलॉजी, बेसिक मार्केटिंग कॉन्सेप्ट, सर्च इंजन मार्केटिंग और टारगेट मार्केट आइडेंटिफिकेशन आदि की जानकारी दी जाती है

डिजिटल मार्केटिंग के कई निशुल्क ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध हैं। इसमें अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स भी उपलब्ध हैं। एनआईआईटी डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांडिंग में पीजी प्रोग्राम करा रहा है। मणिपाल प्रोलर्न का पीजी सर्टिफिकेट प्रोग्राम है। बहुत से संस्थान बीबीए में डिजिटल मार्केटिंग स्पेशलाइजेशन करा रहे हैं।

स्किल्स, जो बनाते हैं तरक्की की राह

इस क्षेत्र में भविष्य बनाने के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ कुछ व्यक्तिगत गुणों को होना भी आवश्यक है. इन गुणों में निरंतर अपने मार्केटिंग व ऑनलाइन मीडिया के ज्ञान को बढ़ाना, रचनात्मकता, ऑनलाइन मार्केटिंग में प्रयोग होनेवाले नये-नये सॉफ्टवेयर्स से अपडेट रहना आदि शामिल है.

आपको खुद में सेल्स, क्रिएटिविटी और एनालिटिकल स्किल्स भी डेवलप करने होंगे. साथ ही मार्केटिंग कैंपेन तैयार करने एवं एनालाइज करने का कौशल, मार्केट कॉम्पटीशन की जानकारी और मार्केटिंग में प्रयोग होनेवाले प्रोडक्ट्स व सर्विसेज की समझ विकसित करनी होगी.

डिजिटल मार्केटिंग कैसे की जाती है?

डिजिटल मार्केटिंग क्षेत्र में आपको ईमेल मार्केटिंग, पे-पर-क्लिक एडवरटाइजिंग (पीपीसी), सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (एसईओ), सर्च इंजन मार्केटिंग (एसईएम), डिस्प्ले एडवरटाइजिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग (एसएमएम), रेडियो एडवरटाइजिंग, कंटेंट मार्केटिंग से सम्बंधित काम मिलेंगे।

इस क्षेत्र में आपको डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजर, सोशल मीडिया मार्केटर, कंटेंट मार्केटर, ऑटोमेशन एक्सपर्ट, पेड मीडिया स्पेशलिस्ट, डाटा एनालिस्ट, वेब डेवलपर, एफिलिएट मार्केटिंग, ऑनलाइन पब्लिक रिलेशन से सम्बंधित जिम्मेदारियां मिलेंगी।

सस्ता इंटरनेट होने के कारण और हर किसी के पास स्मार्टफोन होने के कारण अधिकतर लोग अपना समय ऑनलाइन व्यतीत करते हैं। ऐसे में लोग जब ऑनलाइन कोई वीडियो देखते हैं या फिर न्यूज़ पढ़ते हैं, तो उसमें जो एडवर्टाइजमेंट दिखाई देती है, उसे ही डिजिटल मार्केटिंग कहा जाता है। अगर आप डिजिटल मार्केटिंग सीखना चाहते हैं या फिर यह जानना चाहते हैं कि डिजिटल मार्केटिंग कैसे करें, या डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर कैसे बने तो बने रहिए आर्टिकल के साथ।

1: YouTube

गूगल के बाद Youtube दुनिया का दूसरा सबसे बडा सर्च इंजन माना जाता है। अतः  आज बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने प्रोडक्ट या फिर सर्विस को प्रोमोट करने के लिए बड़े Youtubers के साथ संपर्क करती हैं और उन यूट्यूबरो को कुछ चार्ज दे करके उनसे अपने प्रोडक्ट या फिर सर्विस की डिजिटल मार्केटिंग करवाती हैं।

 अगर आपका भी कोई प्रोडक्ट या फिर सर्विस है, जिसे आप ऑनलाइन प्रमोट करना चाहते हैं तो आप यूट्यूब पर मौजूद बड़े यूट्यूब चैनल के मालिकों से संपर्क कर सकते हैं और कुछ चार्ज दे करके अपनी सर्विस या फिर प्रोडक्ट का प्रमोशन ऑनलाइन करवा सकते हैं।

ऐसा करने से यह गारंटी है कि आपको काफी फायदा होगा। इसके अलावा अगर आप खुद यूट्यूबर है, तो आप विभिन्न कंपनियों के प्रोडक्ट काे रिव्यू करने का काम कर सकते हैं और प्रोडक्ट को रिव्यू करने के बदले में आप अपनी इच्छा के अनुसार उन कंपनी से मनी चार्ज कर सकते हैं।

2: सोशल मीडिया

जैसा कि आप जानते हैं कि अधिकतर लोग अपना समय सोशल मीडिया पर बिताना पसंद करते हैं। ऐसे में बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने प्रोडक्ट या फिर सर्विस का प्रमोशन करवाने के लिए सोशल मीडिया का यूज करती हैं। इस प्रकार आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके डिजिटल मार्केटिंग कर सकते हैं।

कुछ सबसे पॉपुलर सोशल मीडिया platforms में फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम का नाम शामिल है। जिनके द्वारा वर्तमान में डिजिटल मार्केटिंग की जा रही है।

3: गूगल Ads

यह गूगल का ही प्रोडक्ट है‌। अक्सर इंटरनेट पर सर्फिंग करने के दौरान आपने विभिन्न Types के एडवर्टाइजमेंट यानी कि विज्ञापन देखे होंगे। इनमें से अधिकतर एडवर्टाइजमेंट गूगल कंपनी के ही होते हैं। गूगल ADS का इस्तेमाल करके आप अपने प्रोडक्ट की ऑनलाइन मार्केटिंग करवा सकते हैं।

ऐसे कई बिजनेसमैन हैं, जो अपनी सर्विस या फिर प्रोडक्ट की मार्केटिंग करवाने के लिए काफी भारी मात्रा में Google Ads का इस्तेमाल करते हैं। गूगल Ads आपसे कुछ पैसे लेता है और उसके बदले में आपकी सर्विस/ प्रोडक्ट को विभिन्न वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के माध्यम से भारी ऑडियंस के पास पहुंचाने का काम करता है, जिसके कारण आपकी सर्विस अथवा आपके प्रोडक्ट के बारे में अधिक से अधिक लोग जानने लगते हैं। गूगल Ads की हेल्प से आप विभिन्न प्रकार के एडवर्टाइजमेंट रन कर सकते हैं जैसे कि,

  • टेक्स्ट एड
  • डिस्पले एडवरटाइजिंग
  • इमेज एड्स
  • पॉप अप एड्स
  • स्पॉन्सर्ड सर्च
  • GIF एड्स
  • इमेज और टेक्स्ट ऐड
  • मैच कंटेंट एड्स
  • वीडियो एडवर्टाइजमेंट

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4. एफिलिएट मार्केटिंग

डिजिटल मार्केटिंग करने का यह भी बहुत ही बेस्ट तरीका माना जाता है। इस प्रकार की डिजिटल मार्केटिंग की सबसे खास बात यह है कि इसमें कंपनियां ग्राहकों को भी एक seller बनकर कमाई करने का मौका देती है। इसके अंतर्गत आपको अपना अकाउंट बनाकर इनके प्रोडक्ट/सर्विस को सोशल मीडिया पर शेयर करना होता है।

 और जब कोई व्यक्ति आपने जो लिंक शेयर किया है, उसके ऊपर क्लिक करके कोई सामान खरीदता है, तो आपको कुछ कमीशन मिलता है। इस प्रकार आपकी कमाई भी हो जाती है और आप जिस कंपनी के साथ जुड़ करके उसकी एफिलिएट मार्केटिंग करते हैं,उसके प्रोडक्ट की सेलिंग भी होती है और उस वेबसाइट के बारे में अधिक से अधिक लोग जानने भी लगते हैं।

5: एप्लीकेशन मार्केटिंग

सामान्य तौर पर आपको गूगल प्ले स्टोर पर जितनी भी बड़ी बड़ी कंपनी होती हैं, उनकी एप्लीकेशन आसानी से मिल जाएंगी, क्योंकि स्मार्टफोन के दाम सस्ते होने के कारण आज अधिकतर लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं।

और स्मार्टफोन होने के कारण वह ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए, टिकट बुक करने के लिए, सोशल मीडिया चलाने के लिए, न्यूज़ देखने के लिए, शॉपिंग करने के लिए अलग-अलग प्रकार की एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते हैं। इसीलिए कंपनियां अपनी खुद की एप्लीकेशन बनाती हैं और उसमें अपनी सर्विस देने के अलावा एडवर्टाइजमेंट भी चलाती हैं जिससे उन्हें रेवेन्यू भी प्राप्त होता है और उनकी मार्केटिंग भी होती है।

आप भी अपनी खुद की एप्लीकेशन क्रिएट करके उससे गूगल प्ले स्टोर में अपलोड कर सकते हैं और एप्लीकेशन की सहायता से डिजिटल मार्केटिंग कर सकते हैं।

6: ईमेल मार्केटिंग

डिजिटल मार्केटिंग करने का एक बेस्ट जरिया ईमेल मार्केटिंग भी है। ईमेल मार्केटिंग की सहायता से आप अपनी कंपनी की सर्विस या फिर प्रोडक्ट अथवा ऑफर या फिर डिस्काउंट की इंफॉर्मेशन चाहिए अपने कस्टमर के इमेल अकाउंट पर भेज सकते हैं। इसके अलावा अपने कस्टमर से फीडबैक भी ले सकते हैं।

7: ब्लॉगिंग

ब्लॉगिंग से आप ऑनलाइन कमाई भी कर सकते हैं और डिजिटल मार्केटिंग भी कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको अपना ब्लॉग बनाना पड़ेगा और उसमें अपने बिजनेस से जुड़ी जानकारियां पब्लिश कर उसे गूगल में रैंक करवाना पड़ेगा। इसके बाद आप अपने ब्लॉग पर किसी भी कंपनी की सर्विस ‌या प्रोडक्ट के बारे में लिख सकते हैं और उस कंपनी से पैसे चार्ज कर सकते हैं। कई कंपनियां ऐसी हैं, जो यूट्यूब के अलावा वेबसाइट के मालिकों से भी अपनी प्रोडक्ट या सर्विस की मार्केटिंग करवाने के लिए संपर्क करती हैं और उन्हें मार्केटिंग करने के बदले में अच्छी फीस अदा करती हैं।

Types of Digital Marketing

आज के युग में डिजिटल मार्केटिंग का दायरा काफी विस्तृत हो चुका है. इस क्षेत्र के प्रोफेशनल्स को मुख्य रूप से डिजिटल मार्केटिंग मटेरियल तैयार करने और उसे मेंटेन रखने का कार्य करना होता है. इसके अतिरिक्त कंपनी के लिए वेब बैनर एड, इ-मेल और वेबसाइट बनाकर प्रोडक्ट की ब्रांडिंग करनी होती है.आप Digital Marketing के लिए प्रयोग में लाये जानेवाले निम्न माध्यमों में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर, सोशल मीडिया मार्केटिंग स्पेशलिस्ट, कंटेट राइटर आदि के रूप में करियर के मौके तलाश सकते हैं

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (एसइओ):

आज हर कंपनी और सर्विस प्रोवाइडर चाहता है कि उसके वेब पेज सर्च रिजल्ट्स में सबसे ऊपर दिखायी दें. इसलिए वे अपनी वेबसाइट्स की सामग्री को सर्च इंजनों पर बेहतर रैंकिंग पाने के लिहाज से संशोधित करवाते हैं. इस प्रक्रिया को सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन और इसके अंतर्गत काम करनेवाले इंप्लाइ को सर्च इंजन ऑप्टिमाइजर कहते हैं.

इनका काम गूगल और याहू जैसे सर्च इंजनों में अपनी वेबसाइट की विजिबिलिटी को बढ़ाना है. इस दौरान इन्हें रिसर्च, कंटेंट डेवलपमेंट, टेक्स्टिंग आदि काम भी करने पड़ सकते हैं. सोशल 

मीडिया मार्केटिंग (एसएमएम):

सोशल मीडिया मार्केटिंग में सोशल वेबसाइट्स के माध्यम से किसी कंपनी व उसके प्रोडक्ट की मार्केटिंग की जाती है. इसमें मुख्य तौर पर दो तरह के काम करने होते हैं – 

प्रमोशन और मॉनिटरिंग.

प्रमोशन के तहत सोशल मीडिया के माध्यम से ब्रांड के प्रति लोगों में जागरूकता और बिक्री को बढ़ाना, नये उत्पादों को लॉन्च करना, री-लॉन्च आदि शामिल होता है. मॉनिटरिंग में यह समझना होता है कि लोग ब्रांड को कैसे ले रहे हैं और रिस्पांस क्या मिल रहा है.

 सर्च इंजन मार्केटिंग (एचइएम) :

सर्च इंजन मार्केटिंग की प्रक्रिया में स्पॉन्सर्ड प्लेसमेंट्स व एडवरटाइजिंग के माध्यम से वेबसाइट की विजिबिलिटी को बढ़ाने का काम किया जाता है. एक सर्च इंजन मार्केटिंग स्पेशलिस्ट का काम ज्यादा-से-ज्यादा ट्रैफिक को अट्रैक्ट करना और उसे बिजनेस में तब्दील करना होता है.

इ-मेल मार्केटिंग:

भारत में इंटरनेट की बढ़ती पहुंच एवं प्रचलन के बीच इ-मेल के जरिये उत्पादों का प्रचारप्रसार करने का चलन काफी तेजी से बढ़ा है. आप भी अपने इ-मेल इनबॉक्स में प्रतिदिन प्रोडक्ट मार्केटिंग से संबंधित कई मेल देखते होंगे. एक सर्वेक्षण के अनुसार नये ग्राहक जोड़ने के लिए सोशल मीडिया के मुकाबले इ-मेल कहीं कारगर है. ऐसे में इ-मेल मार्केटिंग के क्षेत्र में युवाओं के लिए कई मौके विकसित हो रहे हैं.

मोबाइल मार्केटिंग:

आज के दौर में स्मार्टफोन का प्रयोग करनेवाले यूजर्स की संख्या कहीं ज्यादा है. स्मार्टफोन इंटरनेट एक्सेस करने का सबसे उपयुक्त जरिया बन गया है. मार्केट रिसर्च के आंकड़े कहते हैं कि करीब 65 फीसदी मार्केटिंग इ-मेल स्मार्टफोन पर पढ़े जाते हैं. इसके अतिरिक्त एसएमएस, प्रोमो ऑफर एवं ऐप की मदद से भी मोबाइल पर प्रोडक्ट की मार्केटिंग की जाती है.

डिजिटल मार्केटिंग कोर्स कैसे करे

मार्केटिंग के इस क्षेत्र में आप मोबाइल मार्केटिंग मैनेजर, मोबाइल कैंपेन मैनेजर, मोबाइल ऐप मार्केटिंग मैनेजर आदि के रूप में करियर बना सकते हैं. वेब एनालिटिक्स: वेब एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग का सबसे दिलचस्प पहलू है. इसके अंतर्गत काम करनेवाले पेशेवर को यह समझना होता है कि टार्गेट ऑडियंस किसी तरह की सामग्री को पढने में रुचि दिखा रही है. साथ ही इन्हें ट्रैफिक एनालिसिस, बिजनेस एंड मार्केटिंग रिसर्च और वेबसाइट ट्रैफिक को बढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी होती है.

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कहां मिलेंगे मौके

डिजिटल मार्केटिंग में नौकरी के लिए कोई सीमाएं नहीं हैं। टूरिज्म, बैंकिंग, रिटेल, मीडिया, मल्टीनेशनल और अन्य कंपनियों के Digital Marketing विभाग, स्टार्टअप, आईटी और आईटीईएस (आईटी समर्थित सेवाएं), पीआर और एडवरटाइजिंग, कंसल्टेंसी, मार्केट रिसर्च, पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज हस्पिटैलिटी आदि कंपनियों को डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर की जरूरत पड़ती है। चूंकि डिजिटल तकनीक ग्लोबल मौके देती है, इसीलिएमल्टीनेशनल कंपनीमें नौकरी का मौका मिल सकता है। एसईओ, कंटेंट मार्केटिंग, इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग खासतौर पर प्रचलित हैं।

सैलरी

डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर या इसका कोर्स करने के बाद शुरुआत में लगभग 4-5 लाख सालाना का पैकेज मिल जाता है। अनुभव के बाद डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के पद पर प्रतिमाह 2 लाख रुपए तक की आय भी संभव है।

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