Delhi to Kedarnath train ticket price -दिल्ली से केदारनाथ कैसे जाएं

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केदारनाथ धाम भारत के उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग नामक जिले में स्तिथ है। यहां की प्रतिकूल जलवायु के कारण यह मंदिर अप्रैल से नवंबर के महीने में ही खुला रहता है। अगर आप दिल्ली से केदारनाथ ट्रेन से जाना चाहते हैं तो आज हम आपको इस आर्टिकल में इस विषय पर पूरी जानकारी देंगे।

How to go kedarnath from delhi by train

बता दें ऋषिकेश केदारनाथ का सबसे पास वाला स्टेशन है जो कि लगभग 220 किलोमीटर की दूरी पर है। यह देश के प्रमुख तथा अन्य क्षेत्रों शहरों और कस्बों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। अगर आप ट्रेन से ऋषिकेश जाना चाहते हैं तो दिल्ली रेलवे स्टेशन से ऋषिकेश के लिए काफी ट्रेन है लेकिन वो डायरेक्ट नहीं है सिर्फ कनेक्टिंग ट्रैन है और कनेक्टिंग ट्रैन के बीच Wait Duration 22 घंटे से ज्यादा है जैसा आप नीचे स्क्रीन शॉट में देख सकते है इस लिए यह आपके लिए सही नहीं रहेगा।

delhi to rishikesh train ticket price

इस लिए आप हरिद्वार रेलवे स्टेशन तक ट्रैन से उसके बाद हरिद्वार से सरकारी और प्राइवेट दोनों बस चलती है जो की आपको सोनप्रयाग तक ले जाएगी वहाँ से आपको लोकल गाड़ी मिल जायगी जो की गौरीकुंड तक ले जाएगी। गौरीकुंड पहुंचने के बाद आपको 16 किलोमीटर तक पैदल चलना होता है। उसके बाद आप केदारनाथ मंदिर पहुंच जाएंगे।

दिल्ली से केदारनाथ जाने का तरीका

  • दिल्ली से ट्रैन से हरिद्वार तक जाए
  • वह से बस से सोनप्रयाग तक जाए
  • सोनप्रयाग से लोकल गाड़ी कर गौरीकुंड तक जाये
  • गौरीकुंड से 16 किलोमीटर पैदल चलने के बाद केदारनाथ पहुंच जाएंगे

Delhi to kedarnath train ticket price

Delhi to Kedarnath train काफी है जो की निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलती है. सभी ट्रैन का लिस्ट इस प्रकार है:-

Train No.Train NameFromDep.ToArr.Travel
09019BDTS HW SPLNZM02.45HW08.2005.35
09609UDZ YNRK SPLDLI03.25HW08.4505.20
09031ADI YNRK SPECIALDLI05.05HW11.1806.13
02017DDN SHTABDI SPLNDLS06.45HW11.3604.51
02171LTT HW AC SPLNZM06.55HW12.2505.30
04309UJJAINI EXPRESSNZM11.40HW17.0505.25
08477PURI YNRK SPLNZM13.20HW20.2507.05
02055JAN SHATBDI SPLNDLS15.20HW19.3304.13
04041DDN FESTIVAL SPLDLI22.25HW06.2508.00
02401KOTA DDN SPLNZM23.50HW04.0004.10
09565OKHA DDN SPLNDLS10.45HW16.2005.35
06097KCVL YNRK SPLNZM06.00HW12.2506.25
04317INDB DDN SPLNZM11.40HW17.0505.25
09111BL HARIDWAR SPLNZM08.50HW14.4005.50
09017HW FESTIVAL SPLNZM08.50HW14.4005.50

Delhi to kedarnath train list

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New Delhi to Kedarnath Train

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से केदारनाथ जाने के आपको तीन ट्रैन मिल जायेगा जो की हरिद्वार रेलवे स्टेशन तक जाती है.

Train No.Train NameFromDep.ToArr.Travel
02017DDN SHTABDI SPLNDLS06.45HW11.3604.51
02055JAN SHATBDI SPLNDLS15.20HW19.3304.13
09565OKHA DDN SPLNDLS10.45HW16.2005.35

OLD Delhi to Kedarnath Train

कुछ ट्रैन पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से भी केदारनाथ के लिए जाती है ये ट्रैन भी हरिद्वार रेलवे स्टेशन तक ले कर जाती है वहाँ से

Train No.Train NameFromDep.ToArr.Travel
09609UDZ YNRK SPLDLI03.25HW08.4505.20
09031ADI YNRK SPECIALDLI05.05HW11.1806.13
04041DDN FESTIVAL SPLDLI22.25HW06.2508.00

New Delhi Railway station to Kedarnath Train

Delhi to kedarnath distance by train ticket price

Distance between Delhi to Kedarnath by Road is452 Kms
Distance between Delhi to Kedarnath by Flight is296 Kms
Travel Time from Delhi to Kedarnath by Road is9:10 hrs

केदारनाथ कब जाना चाहिए

केदारनाथ जाने के लिए सबसे अच्छा समय मई से अक्टूबर माना जाता है। इस दौरान मौसम काफी सुखद पाया जाता है। यह मंदिर केवल गर्मियों में ही खुलता है।हर साल इस  मंदिर के कपाट बंद होने और खोलने में कुछ ही दिनों का फर्क होता है।

क्योंकि इसे खोलने के लिए एक मुहूर्त निकाला जाता है और यह मुहूर्त हिंदी पंचांग के अनुसार ही होता है। कपाट खुलने का समय अक्षय तृतीय तथा उसके बंद होने का समय दीपावली के आसपास का होता है।

हम आपको बता दें कि बरसात के मौसम में यहां जाना बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता है। क्योंकि उस समय लैंड स्लाइडिंग का खतरा अत्याधिक होता है। जिसके कारण सड़कें बंद हो जाती हैं।

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केदारनाथ क्यों जाना चाहिए?

लोगों के बीच केदारनाथ जाने की कई वजह हो सकती है। आपको बता दें कि ज्यादातर लोगों कि वहां जाने की वजह धार्मिक होती है। परंतु उसमें से ऐसे लोग भी होते हैं जो मौज मस्ती के उद्देश्य से जाते हैं।

 केदारनाथ एक बहुत ही पवित्र तीर्थ स्थान है। यहां पर भगवान शंकर का 11 वां ज्योतिर्लिंग स्थापित किया गया है।अगर आप धार्मिक वजह से नहीं आते हैं तो आप  प्राकृतिक नजारों को देखने के लिए भी आ सकते हैं।

कई लोगों की बचपन से ही ख्वाहिश होती है कि वो केदारनाथ जाए। इसके साथ-साथ कई लोगों की अपनी मनोकामना पूरी हो जाने पर केदारनाथ धाम के दर्शन करने जाते हैं। अब चारों धामों में प्रतिदिन श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संख्या की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है

दिल्ली से ऋषिकेश का टिकट प्राइस

दिल्ली से अगर आप ऋषिकेश ट्रेन में जाते हैं और आप AC  में टिकट करवाते हैं तो उसका प्राइस 4097 रुपए है तथा स्लीपर टिकट में आपके ₹1745 रुपए लगेंगे।

केदारनाथ के बारे में अदभुत जानकारी

केदारनाथ धाम 3593 की फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है। आप सोच रहे होंगे कि इतनी ऊंचाई पर इस मंदिर कैसे बनाया गया होगा? इसकी कल्पना तो हम आज भी नहीं कर सकते हैं।

यह मंदिर एक 6 फीट ऊंचे चौकोर प्लेटफार्म पर बनाया गया है। मंदिर के मुख्य भाग पर गर्भगृह और मंडप के चारों तरफ प्रदक्षिणा पथ है। यहां हर सुबह शिव पिंड को प्राकृतिक ढंग से स्नान करा कर उन्हें घी से लेपन कराया जाता है। उसके बाद धूप अगरबत्ती दीप जलाकर उनकी आरती की जाती है।

केदारनाथ के दर्शन के लिए बॉलीवुड के नेता अभिनेता आते है

लोगों का मानना है कि केदारनाथ बाबा सभी भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं। इसी वजह से यहां हर साल बॉलीवुड स्टार और राजनेता दर्शन करने के लिए आते हैं। हम आपको बता दें कि 2008 में यहां बॉलीवुड के अभिनेता राय बच्चन,ऐश्वर्या राय,अभिषेक बच्चन तथा राज नेता अमर सिंह दर्शन के लिए आए थे। उन्होंने  लगभग 1 घंटे तक भगवान शिव की पूजा की थी

केदारनाथ में दर्शन का समय-

वैसे तो केदारनाथ जी का मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए सुबह में 6:00 बजे खुल जाता है। उसके बाद दोपहर में 3:00 से लेकर 5:00 तक विशेष पूजा की जाती है । और उसके बाद विश्राम के लिए मंदिर को बंद कर दिया जाता है।

 शाम में 5:00 बजे मंदिर जनता के दर्शन के लिए खोल दिया जाता है। भगवान शिव की पांच मुख वाली प्रतिमा का विधि के अनुसार सिंगार करके शाम 7:30 से लेकर 8:30 तक नियमित रूप से आरती की जाती है। आरती करने के बाद केदारनाथ मंदिर को बंद कर दिया जाता है।

हम आपको बता दें कि शीतल काल में केदारघाटी बर्फ के कारण ढक जाती है। जिसके बाद केदारनाथ मंदिर को बंद करने अथवा खोलने के लिए मुहूर्त निकाला जाता है। लेकिन ये केदारनाथ मंदिर 15 नवंबर तक बंद कर दिया जाता है।

फिर 6 महीने के बाद वैशाखी में प्रातः 13 से 15 अप्रैल के बीच में केदारनाथ मंदिर का कपाट खुलता है। केदारनाथ मंदिर में कई लोग अपना शुल्क जमा कराकर रसीद कटवाते हैं और उसके अनुसार वह मंदिर की पूजा अर्चना करवाते हैं उसके बाद भोग प्रसाद ग्रहण करते हैं।

कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें

  • कोरोना प्रोटोकॉल एवं सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा।
  • देवस्थानों में आवास, खान-पान, चिकित्सा-स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाये।
  • देवस्थानों/मंदिरों में दर्शन के दौरान मूर्तियों को छूने की नहीं होगी अनुमति।
  • चारों धामों में मौसम सर्द है, तीर्थ यात्री अपने साथ गर्म कपड़े जैसे कि स्वेटर,शॉल,जैकेट एवंटोपीआदिसाथ लायें।
  • तीर्थ यात्री मौसम की जानकारी प्राप्त कर यात्रा करें।
  • यात्रा के दौरान किसी भी सहायता के लिए पुलिस, पर्यटन विभाग, देवस्थानम बोर्ड में संपर्क करें।

चारों धामों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

यात्रा हेतु पोर्टल https://badrinath-kedarnath.gov.in/Auth/LoginRegister/Pilgrim_Registration.aspx पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है तथा प्रत्येक श्रद्धालु को अधिकतम 72 घण्टे पूर्व की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अथवा वैक्सीन की डबल डोज़ लगी होने का सर्टिफिकेट ले जाना अनिवार्य है। वही covid पास भी होना जरुरी है जिसके लिए ऑफिसियल वेबसाइट http://smartcitydehradun.uk.gov.in पर जा कर रेजिस्टशन कर सकते है

दिल्ली-तो-केदारनाथ-ट्रैन-टिकट-प्राइस

केदारनाथ की महिमा व इतिहास

इस केदारनाथ की महिमा अत्यधिक अपार है। उत्तराखंड में केदारनाथ तथा बद्रीनाथ दोनों ही मुख्य तीर्थ स्थान है। इन दोनों मंदिरों के दर्शन का बड़ा ही महत्व है।लगभग जो व्यक्ति केदारनाथ के दर्शन के लिए आता है वह बद्रीनाथ का दर्शन किए बिना नहीं जाता है।

केदारनाथ मंदिर की आयु के बारे में कोई भी ऐतिहासिक प्रमाण नहीं मिले हैं।पर हम आपको बता दें कि पिछले 1000 वर्षों से केदारनाथ एक बहुत ही महत्वपूर्ण तीर्थ स्थान रहा है। मंदिर की सीढ़ियों  पे काली अब राही लिपि में खुदा हुआ है। जिसे जानना और समझना बहुत ही मुश्किल है।

तीर्थ पुरोहित जी केदारनाथ के प्राचीन ब्राह्मण है। उनके पूर्वज भी ऋषि मुनि तथा भगवान नारायण के समय से ही इस स्वयंभू ज्योतिर्लिंग की पूजा पाठ करते आ रहे हैं। उस समय उन लोगों की संख्या कम से कम 300 थी। उन लोगों को मंदिर में पूजा करने की अनुमति पांडवों के पुत्र राजा जन्मेजय ने दी थी। और उसी समय से वह लोग तीर्थ यात्रियों की पूजा कराते हुए नजर आते हैं।

केदारनाथ की पैदल यात्रा

पहले गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए 16 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। लेकिन आपदा के बाद इस संस्थान ने गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए पैदल मार्ग फिर से तैयार कराया है। जो मार्ग पहले 16 किलोमीटर का था उस मार्ग को अब 18 किलोमीटर का बनाया गया है। यह यात्रा यात्रियों के लिए काफी सुगम और राहत भरी है।

केदारनाथ का ज्योतिर्लिंग

ये ज्योतिर्लिंग हिमालय की चोटी पर है। जो कि केदारनाथ जी का है। केदारनाथ जी को ‘केदारेश्वर’ के नाम से भी जाना जाता है। जो कि एक केदार नाम के शिखर पर है। शिखर के पूर्व में अलकनंदा नदी के किनारे में श्री बद्री विशाल जी का मन्दिर है।

इस पोस्ट में मैंने बताया की Delhi to Kedarnath train ticket price का है और आप कैसे जा सकते है उम्मीद है आपको सभी जानकारी मिल गया होगा। अगर इस पोस्ट Delhi to Kedarnath train ticket price से जुड़े कोई सवाल होगा तो कमेंट कर के पूछ सकते है

2 thoughts on “Delhi to Kedarnath train ticket price -दिल्ली से केदारनाथ कैसे जाएं”

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