मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना बिहार 2022 आवेदन प्रकिर्या

बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के द्वारा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना बिहार (Mukhyamantri Gramin Awas Yojana Bihar) की शुरुआत किया गया था इस योजना के अंतर्गत प्रधान मंत्री आवास योजना का लाभ नहीं लेने वाले बेघर परिवारों को पक्का छतदार मकान बनने के लिए आर्थिक सहायता दिया जाता है यह राशि बिहार सरकार अपने संसाधन से देती है Bihar Mukhyamantri Gramin Awas Yojana के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की तरह चयनित पात्र परिवारों को आवास निर्माण कराने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि तीन किस्तों में दिया जाता है.

केंद्र सरकार के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के होते हुए बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा बिहार मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना (Mukhyamantri Gramin Awas Yojana Bihar) शुरू करने का मुख्य कारण यह है की 1 जनवरी 1996 के पूर्व विभिन्न आवास योजनाओं के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले ग्रामीणों को गुच्छ समूहों (Cluster) में आवासों का निर्माण कर आवंटित किया गया था। ऐसे आवासों में से अधिकांश अब जर्जर होने के कारण रहने लायक नहीं है। परन्तु पूर्व में आवास का लाभ प्राप्त रहने के कारण इन लोगो को प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण (PMAY-G) के तहत आवास का लाभ नहीं दिया जा सकता है। अतएव ऐसे जर्जर आवासों में रहने वाले परिवारों को ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना’ का लाभ दे कर फिर से नया आवास बनवाना है.

मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना बिहार में दिए जाना वाला लाभ

बिहार मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2021 के अधीन प्रत्येक लाभार्थी को कुल रू0 1,20,000/- की सहायता राशि जर्जर आवास के स्थान पर पक्का मकान निर्माण हेतु निर्माण कार्य की प्रगति के अनुसार तीन किश्तों में दिया जाता है।

किश्त राशि (रूपए में)

प्रथम किश्त

(योजना लाभ स्वीकृति के उपरांत आवास का प्लिंथ स्तर
तक के निर्माण कार्य के लिए)

40,000

(चालीस हजार रूपये)

द्वितीये किश्त

(वास का प्लिंथ तक निर्माण कार्य के बाद छत स्तर तक
निर्माण कार्य के लिए)

40,000

(चालीस हजार रूपये)

तृतीय किश्त

(आवास का छत स्तर तक आवास निर्माण कार्य की
फिनिशिंग (प्लास्टर, पेंट, दरवाजा, खिड़की लगाने तथा फ्लोर फिनिशिंग) कार्य को पूर्ण करने के लिए)

40,000

(चालीस हजार रूपये)

कुल  1,20,000 (एक लाख बीस हजार) रूपये

ग्रामीण आवास योजना बिहार में आवेदन के लिए जरुरी कागजात

ग्रामीण आवास सहायक द्वारा लाभुकों द्वारा प्रेषित विहित प्रपत्र में आवेदन प्राप्त किया जायेगा तथा आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित कागजात लेकर संलग्न किया जायेगा । प्राप्त आवेदन पत्र एवं कागजातों को ग्रामीण आवास सहायक एवं ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक के प्रतिहस्ताक्षर के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जायेगा । एवं आवेदन की प्राप्ति रसीद लाभुक को दी जायेगी

  • आधार कार्ड: आधार कार्ड की प्रति इस सहमति (concurrence) के साथ कि आधार की सूचनाओं का उपयोग इस योजना के अधीन किया जा सकेगा।
  • बैंक खाता पासबुक: आधार Seeded बैंक खाता के पासबुक की स्वअभिप्रमाणित प्रति । लाभुक से प्राप्त किये जाने वाले बैंक खाता में यह ध्यान रखा जायेगा कि वह जनधन खाता या लाभुक के बैंक ऋण से संबंधित खाता नहीं हो ।
  • जर्जर आवास का फोटो
  • जाति प्रमाण पत्र की स्वअभिप्रमाणित प्रति ।
  • शपथ पत्र: इस आशय का शपथ पत्र (मूल रूप में) कि आवेदक को 01.01.1996 के पूर्व गुच्छ समूह में आवास योजना का लाभ प्राप्त हुआ था जो अब जीर्ण शीर्ण स्थिति में है एवं रहने लायक नहीं है तथा उसके उपरांत अन्य किसी योजना से आवास का लाभ प्राप्त नहीं किया है।

बनाये जा रहे आवास निर्माण के लिए जरुरी मापदंड

  • नियमानुसार आवास का निर्माण कम-से-कम 25 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में किया जाएगा, जिसमें आवासीय कमरा एवं स्वच्छ रसोईघर का निर्माण कराना अनिवार्य होगा।
  • भुकम्परोधी एवं आपदारोधी आवास का निर्माण होना अनिवार्य है।
  • आवास निर्माण के अतिरिक्त शौचालय का निर्माण भी अनिवार्य होगा । शौचालय निर्माण हेतु पूर्व में अगर राशि प्राप्त नहीं किया गया हो तो लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान/मनरेगा से 12000/- रूपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जायेगा।
  • आवास निर्माण के क्रम में आपके जॉब कार्ड के विरुद्ध 90 मानव दिवस की अकुशल मजदूरी उपलब्ध करायी जाएगी।
  • आपके द्वारा आवास निर्माण का कार्य प्रथम किस्त की सहायता राशि प्राप्ति के 12 माह के अन्दर पूर्ण किया जाएगा ।
  • सहायता राशि प्राप्त करने के 12 माह के अंदर आवास निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराने पर प्राप्त की गई सहायता राशि की वसूली के साथ ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Mukhyamantri Gramin Awas Yojana Bihar योजना के लाभ लिए पात्रता

01.01.1996 से पूर्व विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत Cluster में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़ा वर्ग के लाभुक को आवंटित आवास जिसमें लाभार्थी अथवा उनके वैध उत्तराधिकारी वर्तमान में वास करते हो तथा आवास जर्जर हो या आवास नष्ट हो जाने की स्थिति में उसी पंचायत के अंतर्गत निवास करते हो, उन्हें मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना विहार 2021 का लाभ दिया जायेगा।

किन लोगो को मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ नहीं दिया मिलेगा

  • लाभार्थी अथवा उनके वैध उत्तराधिकारी को इंदिरा आवास योजना/प्र.आ.यो.-ग्रा./अन्य योजना के अधीन आवास निर्माण हेतु सहायता प्राप्त हुई हो ।
  • योजना के लाभार्थी अथवा उनके उत्तराधिकारी का पक्का आवास हो ।
  • लाभार्थी अथवा उनके वैध उत्तराधिकारी मूल स्थान से भिन्न अन्य पंचायत, प्रखंड, जिला या राज्य में स्थायी रूप से निवास करते हो ।
  • लाभार्थी अथवा उनके वैध उत्तराधिकारी वर्तमान में स्थायी सरकारी सेवा में हों।
  • परिवार के मुखिया की मृत्यु हो गई हो तथा कोई वैध उत्तराधिकारी जीवित नहीं हो।
  • मोटर वाहन दो पहिया अथवा तीन पहिया अथवा चार पहिया के स्वामी हों।
  • मैकेनाइज्ड तीन/चार पहिया कृषि उपकरण हो।
  • 50000/- रूपए या उसके उपर की क्रेडिट सीमा के साथ क्रेडिट कार्ड धारक हो।
  • गैर कृषि उद्दमी के रूप में परिवार या परिवार का कोई सदस्य पंजीकृत हो।
  • मासिक आय 10000/-रू0 से अधिक परिवार के किसी सदस्य की हो।
  • परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता/व्यावसायिक कर दाता हो ।
  • परिवार में रेफ्रिजरेटर या लैंडलाईन फोन हो।
  • वे परिवार, जिनके पास 2.5 एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि हो और कम-सेकम एक सिंचाई उपकरण हो ।
  • वे परिवार, जिनके पास 5 एकड़ या इससे अधिक भूमि हो ।

उपर्युक्त बिन्दुओं में से किसी एक या अधिक श्रेणी में आनेवाला परिवार इस योजना के अधीन लाभ प्राप्त करने हेतु अयोग्य होगा । ग्रामीण आवास सहायक द्वारा उक्त आधार पर पात्र परिवारों की पहचान कर सूची तैयार कर प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपी जायेगी।

मुख्यमंत्री आवास योजना बिहार List | मुख्यमंत्री आवास योजना 2022 की लिस्ट

ग्राम सभा के अनुमोदन के पश्चात लाभार्थियों को योजना की जानकारी हेतु प्रखंड भवन एवं संबंधित पंचायत भवन के सूचना पट पर योग्य लाभुको की सूची, योजना की विशेषताओं तथा प्रक्रियाओं का उल्लेख कर प्रकाशित की जायेगी ।

Bihar Mukhyamantri Gramin Awas Yojana लाभार्थियों को योजना के लाभ की स्वीकृति

सभी अनुशंसित आवेदकों का आवास साफ्ट पर निबंधन एवं GeoTag कर दिया जायगा ।

उपर्युक्त कागजातों के साथ प्रखंड कार्यालय में एक नया अभिलेख बनाया जायेगा, जिसमें Cluster में बने घर की जीर्ण-शीर्ण स्थिति एवं उसमें वास कर रहे लाभुकों अथवा उनके वैध उत्तराधिकारियों का प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ लिया गया संयुक्त स्पष्ट फोटोग्राफ भी संधारित किया जायेगा । उसके पश्चात किश्तो में सहायता राशि प्रदान करने के लिए निर्धारित निर्माण का स्तर तक का फोटोग्राफ ग्रामीण आवास सहायक द्वारा लिया जायेगा । इसके अतिरिक्त अभिलेख में प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा सभी प्रकार से किये गये सत्यापन का उल्लेख किया जाएगा यथा कार्यालय में अभिलेख की खोज व मिलान, पूर्व में आवास का लाभ प्राप्त नहीं होने संबंधी सत्यापन, ग्राम सभा की अनुशंसा तथा स्वयं किये गये स्थल निरीक्षण व सुस्पष्ट मंतव्य इत्यादि अंकित किये जायेंगे । तदुपरांत प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा लाभुक के योग्य होने संबंधी अपनी संतुष्टि भी अंकित की जाएगी ।

खंड विकास पदाधिकारी सभी आवेदनों की अपने स्तर से जॉच एवं सत्यापन के उपरान्त अभिलेख खोलकर स्वीकृति हेतु उप विकास आयुक्त को इस प्रमाण पत्र के साथ आवास सॉफ्ट पर अग्रसारित करेंगे कि स्वीकृति हेतु प्रस्तावित परिवार “मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना” के अधीन पात्रता रखते है तथा इन्हें आवास की स्वीकृति प्रदान की जा सकती है ।

सहायता राशि भुगतान की प्रक्रिया

जिला स्तर से आवास साफ्ट पर आवास की स्वीकृति के साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा स्वीकृत्यादेश निर्गत कर लाभुक एवं सभी संबंधितों को उपलब्ध दिया जाएगा तथा इसकी सूचना प्रखंड एवं पंचायत भवन के सूचना पट पर लगा दी जाएगी।

स्वीकृत्योदश निर्गत की तिथि से दो दिनों के अंदर लाभुको को प्रथम किश्त के भुगतान हेतु प्रखंड लेखापाल द्वारा मेकर के रूप में आवास सॉफ्ट पर FTO तैयार एवं हस्ताक्षरित कर उपस्थापित किया जाएगा ।

स्वीकृत्यादेश में यह उल्लेख किया जायेगा कि लाभुको द्वारा प्रथम/द्वितीय/तृतीय किश्त की सहायता राशि प्राप्त करने के एक माह के अंदर निर्धारित स्तर तक निर्माण कार्य पूर्ण करना होगा तथा सहायता राशि मिलने के 6 माह के अन्दर आवास का निर्माण पूरा कर लेना होगा और विलंब की स्थिति में राशि की वसूली की कार्रवाई की जायगी ।

ग्रामीण आवास योजना बिहार की निगरानी

यह Bihar Mukhyamantri Gramin Awas Yojana एक बार लागू की जानेवाली योजना है। अत: इस बात का ध्यान रखा जायगा कि कोई पात्र लाभुक योजना के अधीन सहायता प्राप्त करने से वंचित नहीं रहे। अतएव योजना के कार्यान्वयन के क्रम में पारदर्शिता एवं तत्परता के साथ पूरी सावधानी बरती जाएगी।

प्रथम किश्त का भुगतान होने के उपरान्त ग्रामीण आवास सहायक द्वारा आवास निर्माण कार्य का समय-समय पर निरीक्षण किया जायगा तथा इसकी प्रविष्टि इस निमित्त संधारित अलग पंजी में की जायगी । ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक द्वारा इस पर सतत् निरीक्षण करते हुए निगरानी रखी जाएगी एवं पंजी में निरीक्षण टिप्पणी अंकित की जाएगी।

प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा साप्ताहिक समीक्षा के दौरान ग्रामीण आवास सहायक की पंजी का निरीक्षण करते हुए ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक की निरीक्षण टिप्पणी को देखा जाएगा ।

लाभुक द्वारा सहायता राशि प्रथम/द्वितीय/तृतीय किश्त प्राप्त करने के एक माह के अंदर निर्धारित स्तर तक आवास निर्माण कार्य पूर्ण नहीं करने की स्थिति में लाभुक को सफेद नोटिस, अगले 15 दिन में लाल नोटिस तथा इसके अगले 15 दिनों में राशि की वसूली हेतु नीलाम पत्र वाद दायर किया जायेगा ।

प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा सत्यापन :

प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जॉच टीम द्वारा समर्पित प्रतिवेदन के आधार पर तत्काल योग्य पाये गये Bihar Mukhyamantri Gramin Awas Yojana लाभुकों के घरों का व्यक्तिगत रूप से स्थल निरीक्षण कर आवास का भौतिक सत्यापन किया जायेगा। सत्यापन के क्रम में Cluster में बने घर की जीर्ण-शीर्ण स्थिति एवं उसमें वास कर रहे लाभुकों अथवा उनके वैध उत्तराधिकारियों का प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ संयुक्त स्पष्ट फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से लिया जायेगा ।

निरीक्षण में स्थानीय लोगों व जन प्रतिनिधियों से पूर्व में लाभुक को Cluster के अंतर्गत आवास आवंटित किये जाने के संबंध में पूछताछ की जाएगी। निरीक्षण के क्रम में यदि प्रकाश में आता है कि लाभुक को 01.01.1996 के बाद किसी योजना के अंतर्गत आवास का लाभ दिया गया है तो इसकी पुष्टि करते हुए “मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना बिहार” अंतर्गत लाभ नहीं दिया जायेगा ।

प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद तैयार की गई सूची ग्राम सभा के अनुमोदन हेतु भेजी जायेगी ।

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सूची का ग्राम सभा से अनुमोदन:

प्रखंड के अभिलेख से सूची की जाँच एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्यापन के उपरांत तैयार की गई लाभुकों की सूची संबंधित पंचायत की ग्राम सभा से अनुमोदित कराई जायेगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी के निरीक्षण/सत्यापन के बाद ग्राम सभा को अनुमोदन हेतु भेजी गई सूची एवं ग्राम सभा द्वारा सूची के अनुमोदन के क्रम में लाभुको की पात्रता के संबंध में भिन्नता की स्थिति में संबंधित मामला उप विकास आयुक्त को प्रतिवेदित किया जाएगा । प्राप्त प्रतिवेदन की जाँच उप विकास आयुक्त द्वारा स्वयं अथवा निदेशक लेखा अथवा किसी वरीय उप समाहर्ता से कराकर पात्रता के संबंध में युक्तियुक्त आदेश पारित किया जायेगा ।

प्रखंड के अभिलेख से सूची की जॉच :

ग्रामीण आवास सहायक द्वारा समर्पित सूची का प्रखंड के अभिलेख से जॉच हेत् प्रखंड स्तर पर एक टीम बनाई जायेगी जिसमें ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, लेखा सहायक (ग्रामीण आवास), प्रधान लिपिक व प्रखंड नाजिर को रखा जायेगा । इस टीम द्वारा प्रखंड के अभिलेखों से निम्न बिंदुओं पर जॉच की जायेगी:

  • लाभुक एवं उनके वैध उत्तराधिकारी को किस योजना के तहत 01.01.1996 के पूर्व Cluster के अंतर्गत आवास आवंटन किया गया था? प्रखंड में अभिलेख नहीं रहने की स्थिति में इस का उल्लेख प्रतिवेदन में करना अनिवार्य होगा।
  • लाभुक एवं उनके वैध उत्तराधिकारी को 01.01.1996 से लागू इंदिरा आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं अन्य आवासीय योजना के अंतर्गत आवास का लाभ दिया गया है अथवा नहीं?
  • लाभुक अथवा उनके वैध उत्तराधिकारी का नाम प्रधानमंत्री आवास योजनाग्रामीण की प्रतीक्षा सूची में है अथवा नहीं?

उक्त तरह से सूची की जॉचोरापरांत जॉच टीम के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित प्रतिवेदन प्रखंड विकास पदाधिकारी को समर्पित किया जायेगा।

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