पैकेजिंग टेक्नोलॉजी: पैकेजिंग कोर्स, फी, शैक्षणिक योग्यता और इंस्टिट्यूट के बारे में जाने

किसी भी प्रोडक्ट के निर्माण के बाद उसे बाजार तक सही रूप मै पहुंचाने में पैकेजिंग (packaging) सबसे महत्पूर्ण काम होता है। यही नहीं आज के समय मै पैकेजिंग, मार्केटिंग स्ट्रैटेजी की तरह उपयोग किया जाता है। खास कर जब ई-कॉमर्स (e commerce) के इस दौर ग्राहक को होम डिलीवरी करनी हो तो और भी जरूरी हो जाता है इस बढ़ते डिमांड के कारण पैकेजिंग में प्रशिक्षित लोगो की काफी मांग होती है ऐसे में पैकेजिंग टेक्नोलॉजी (packaging technology) में करियर बनाना आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। आज के इस पोस्ट में मै आपको बताने जा रहा हूँ कैसे आप पैकेजिंग टेक्नोलॉजी कोर्स (packaging technology courses) कैसे कर सकते है इस कोर्स के लिए क्या शैक्षणिक योग्यता चाहिए और इस कोर्स के करने के बाद पैकेजिंग इंडस्ट्री कैसे करियर बना सकते है सभी जानकारी इस पोस्ट में मिलेगा, इसलिए पुरे पोस्ट को ध्यान से पढ़े.

पहले पैकिंग का प्रयोग प्रोडक्ट के नयापन को बरकरार रखने, उसकी गुणवत्ता को बनाये रखने और किसी भी तरह की टूटफूट से बचाने के लिए किया जाता था। लेकिन आज के समय में प्रोडक्ट कैसा है, इसका पता तो ग्राहक को इस्तेमाल करने के बाद ही लगता है, लेकिन उससे पहले एक चीज है, जो ग्राहक को प्रोडक्ट की ओर आकर्षित करती है, वह है उसकी पैकिंग। इसलिए पैकेजिंग अब ब्रांडिंग और उपभोक्ता से संवाद के माध्यम के तौर पर भी उपयोग किया जा रहा है।

Future of packaging industry | पैकेजिंग इंडस्ट्री का भविष्य

पैकेजिंग टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट और लॉजिस्टिक्स के बीच की एक कड़ी है। इस पैकेजिंग इंडस्ट्री (packaging industry0 का काम मैन्यूफैक्चरिंग, फार्मा, रिटेल, एफएमसीजी जैसे उद्योगों के लिए वैल्यू एडेड सर्विसेज देती है. लोगो के जीवनशैली में बदलाव और ग्राहकों के बदलते पैटर्न के करना पैकेजिंग प्रोडक्ट की मांग बढ़ा दी है, जिससे यह पैकेजिंग इंडस्ट्री फल-फूल रहा है और एक अनुमान के अनुसार भारत 2025 तक पैकेजिंग में चौथे नंबर पर आ जाएगा। यह पैकेजिंग इंडस्ट्री सबसे तेजी से विकास करने वाले इंडस्ट्री में से एक है क्योंकि इसकी जरुरत हर इंडस्ट्री में होती है।

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क्या काम करना होगा, पैकेजिंग कोर्स करने के बाद?

पैकेजिंग टेक्नोलॉजिस्ट के तौर पर आपको पैकेजिंग के लिए अलग अलग चीज़ें बनानी होंगी। आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि पैकेजिंग मटेरियल ज़रुरी मापदंडों और बारिकियों के हिसाब से ही बना होना चाहिए। आपको पैकेजिंग की योग्यता जाँचने के लिए और ड्यूरेबिलिटी और स्ट्रेंथ (टिकाऊपन और मज़बूती) के टेस्ट में उनका प्रदर्शन देखने के लिए प्रोडक्ट का ट्रायल भी लेना होगा।

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इस पैकेजिंग फील्ड में प्रोडक्ट की पैकेजिंग एक कला है। इसमें प्रोडक्टो को लंबे समय तक बचा कर रखना एक महत्पूर्ण होता है। इसलिए पैकेजिंग कोर्स को करने के बाद पैकेजिंग इंडस्ट्री में प्रोडक्ट को ध्यान में रखते हुए सही पैकेजिंग मैटीरियल का चुनाव, और विश्लेषण करना होगा, साथ ही डिजाइनिंग और क्रिएटिव स्किल्स का उपयोग कर पैकेट की डिजाइनिंग भी तैयार करना या करवाना होगा, यही नहीं प्रोडक्ट पैकेजिंग की मज़बूती और टिकाऊपन की भी जाँच भी करनी होगी। ऐसे तमाम कामों की जिम्मेदारी पैकेजिंग टेक्नोलॉजी कोर्स करने वाले प्रोफेशनल्स पर होती है जिसे पैकेजिंग टेक्नोलॉजिस्ट कहलाते हैं।

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अगर आप इस पैकेजिंग टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री (packaging technology industry) में आते है तो आपको मैटीरियल, प्रोसेसिंग, डिजाइनिंग, क्वालिटी और पर्यावरणीय जागरूकता संबंधी नियमों आदि के बारे में जानकारी होना बहुत ही जरूरी है।

पैकेजिंग टेक्नोलॉजी का कोर्स कब कर सकते है?

साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास करके पैकेजिंग टेक्नोलॉजी में बीटेक कोर्स किया जा सकता है। अगर बीटेक को छोड़ दें तो ज्यादातर कोर्स डिप्लोमा अथवा पीजी डिप्लोमा लेवल के हैं। जिसके लिए स्नातक होना जरूरी है पैकेजिंग में सर्टिफिकेट कोर्स भी है, जो 3 महीने का होता है। यह कोर्स किसी भी स्ट्रीम के डिप्लोमाधारी या ग्रेजुएट कर सकते हैं।

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन पैकेजिंग (पीजीडीपी) प्रोग्राम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी के पास कम से कम द्वितीय श्रेणी में फिजिक्स/ केमिस्ट्री/ मैथमेटिक्स के साथ माइक्रोबायोलॉजी या बायोकेमिस्ट्री में से किसी एक में फुल टाइम ग्रेजुएट डिग्री होनी चाहिए. एग्रीकल्चर/ फूड साइंस/ पॉलिमर साइंस में ग्रेजुएट डिग्री या इंजीनियरिंग/ टेक्नोलॉजी डिग्रीधारक भी आवेदन कर सकते हैं.

कुछ संस्थान पैकेजिंग टेक्नोलॉजी में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करते हैं, जबकि कई मेरिट के आधार पर डायरेक्ट एडमिशन दे देते हैं।

सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन पैकेजिंग3 महीना
इन्टेंसिव कोर्स इन पैकेजिंग3 महीना
डिप्लोमा इन पैकेजिंग टेक्नोलॉजी3 वर्ष
बीटेक इन पैकेजिंग टेक्नोलॉजी4 वर्ष
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन पैकेजिंग2 वर्ष
डिस्टेंस एजुकेशन प्रोग्राम इन पैकेजिंग1.5 वर्ष

पैकेजिंग कोर्स के लिए सबसे अच्छा इंस्टिट्यूट/ यूनिवर्सिटी

इन पदों पर मिलती है नौकरी

देश से लेकर विदेश तक पैकेजिंग इंडस्ट्री में पर्याप्त अवसर मिलते हैं। यहाँ पैकेजिंग मैनेजर, असिस्टेंट पैकेजिंग मैनेजरइन, पैकेज स्पेशलिस्ट, पैकेजिंग मैटीरियल मैनेजर, डिलिवरी एरिया मैनेजर, क्वालिटी एनालिस्ट जैसे पदों पर आसानी से नौकरी मिल जाती है।इसके अलावा पैकेजिंग डिजाइन एंड डेवलपमेंट विभाग में भी खूब अवसर मिलते हैं। फार्मास्युटिकल, कॉस्मेटिक्स और एफएमसीजी कंपनीज में हमेशा ऐसे प्रोफेशनल्स की मांग रहती है। इस फील्ड में अलग-अलग तरह के पद मौजूद हैं :

1. पैकेजिंग इंजीनियर : इस पैकेजिंग इंजीनियका मुख्य काम पैकेजिंग का होता है, जिनमें विभिन्न प्रोडक्ट की आवश्यकता के अनुसार पैकेजिंग मैटीरियल का चयन कर इस्तेमाल करना होता है। इसमें यह भी देखा जाता है कि पैकेजिंग प्रोडक्ट क्वालिटी के हिसाब से कम न हो।

2. पैकेजिंग डिजाइनरः इनका काम पैकेजिंग के लिए प्रोडक्ट और कस्टमर की पसंद को ध्यान में रखते हुए एक अट्रैक्टिव पैकेज डिजाइन तैयार करना होता है।

3. पैकेजिंग मेकैनिक : इनका काम पैकेजिंग से संबंधित मशीनों के रख-रखाव और मरम्मत करने का होता है।

4. पैकेजिंग प्रोडक्ट टेस्टर : इनमे पैकेजिंग प्रोडक्ट्स की मजबूती और अन्य टेस्टिंग का काम भी किया जाता है, ताकि बाद में किसी भी तरह की कोई कमी या नुकसान न हो।

Packaging Engineering Salary

पैकेजिंग का कोर्स करने के बाद शुरुआत के देने में फ्रेशर को 15 से 25 हजार रुपए प्रतिमाह सैलरी मिलने लगती है। जो की योग्यता और स्किल बढ़ने पर पद के अनुसार पैकेज भी बढ़ता जाता है।

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