जाने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना क्या है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा 28 नवंबर, 2016 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की शुरुआत किया गया था। इस प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत अगर कोई आयकर दाता अपनी अवैध कमाई ( black money) को घोषित करते हैं और उस आय पर 50 फीसदी का टैक्स देते हैं तो उन पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अलावा अवैध कमाई ( black money) का 25 फीसदी हिस्सा पीएम गरीब कल्याण डिपॉजिट स्कीम, 2016 में जमा कराना होगा जो की 4 साल के बाद बिना किसी ब्याज के अवैध कमाई ( black money) घोषित करने वाले व्यक्ति को लौटा दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के फंड में राशि जमा करने का मुख्य उदेश्य वंचित वर्ग के लोगों के लिए आवास, शौचालय, प्राइमरी शिक्षा, प्राइमरी हेल्थ जैसी सुविधाओं का विकास करना रहा है। अब जब देश में कोरोना का प्रकोप बढ़ा है और पूरा देश लॉकडाउन है ऐसे स्थिति में इसी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से गरीबों को सहायता किया जा रहा है

कोविड-19 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज

सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड-19 से लड़ने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बीमा योजना
सफाई कर्मचारी, वार्ड-ब्‍वॉय, नर्स, आशा कार्यकर्ता, सहायक स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी (पैरामेडिक्स), टेक्निशियन, डॉक्टर और विशेषज्ञ एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता एक विशेष बीमा योजना के तहत बीमा कवर पाएंगे। कोविड-19 मरीजों का इलाज करते समय किसी भी स्वास्थ्य प्रोफेशनल के साथ दुर्घटना होने पर उन्हें योजना के तहत 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, वेलनेस सेंटरों और केंद्र के साथ-साथ राज्यों के अस्पतालों को भी इस योजना के तहत कवर किया जाएगा, इस महामारी से लड़ने के लिए लगभग 22 लाख स्वास्थ्य कर्मि‍यों को बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।

पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना

भारत सरकार अगले तीन महीनों के दौरान इस विपत्ति की वजह से खाद्यान्नों की अनुपलब्धता के कारण किसी को भी, विशेषकर किसी भी गरीब परिवार को कष्‍ट नहीं होने देगी। 80 करोड़ व्यक्तियों, अर्थात, भारत की लगभग दो-तिहाई आबादी को इस योजना के तहत कवर किया जाएगा। इनमें से प्रत्येक व्‍यक्ति को अगले तीन महीनों के दौरान मौजूदा निर्धारित अनाज के मुकाबले दोगुना अन्‍न दिया जाएगा। यह अतिरिक्त अनाज मुफ्त में मिलेगा। साथ ही सभी व्यक्तियों को प्रोटीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, अगले तीन महीनों के दौरान क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार प्रत्‍येक परिवार को 1 किलो दालें दी जाएंगी। ये दालें भारत सरकार द्वारा मुफ्त में दी जाएंगी।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत किसानों को लाभ:

2020-21 में देय 2,000 रुपये की पहली किस्त अप्रैल 2020 में ही ‘पीएम किसान योजना’ के तहत खाते में डाल दी जाएंगी। इसमें 7 करोड़ किसानों को कवर किया जाएगा। कुल 40 करोड़ पीएमजेडीवाई महिला खाताधारकों को अगले तीन महीनों के दौरान प्रति माह 500 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

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गैस सिलेंडर:

पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत अगले तीन महीनों में 8 करोड़ गरीब परिवारों को गैस सिलेंडर मुफ्त में दिए जाएंगे।

संगठित क्षेत्रों में कम पारिश्रमिक पाने वालों की मदद:

100 से कम कामगारों वाले प्रतिष्‍ठानों में प्रति माह 15,000 रुपये से कम पारिश्रमिक पाने वालों को अपना रोजगार खोने का खतरा है। इस पैकेज के तहत सरकार ने अगले तीन महीनों के दौरान उनके पीएफ खातों में उनके मासिक पारिश्रमिक का 24 प्रतिशत भुगतान करने का प्रस्ताव किया है। इससे उनके रोजगार में व्यवधान या खतरे को रोका जा सकेगा।

वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक), विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए सहायता :

ऐसी लगभग 3 करोड़ वृद्ध विधवाएं और दिव्यांग श्रेणी के लोग हैं, जो कोविड-19 की वजह से उत्‍पन्‍न हुए आर्थिक व्यवधान के कारण असुरक्षित हैं। सरकार अगले तीन महीनों के दौरान कठिनाइयों से निपटने के लिए उन्हें 1,000 रुपये देगी।

मनरेगा

‘पीएम गरीब कल्याण योजना’ के तहत 1 अप्रैल, 2020 से मनरेगा मजदूरी में 20 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। मनरेगा के तहत मजदूरी बढ़ने से प्रत्‍येक श्रमिक को सालाना 2,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा।
इससे लगभग 62 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे।

स्वयं सहायता समूह:

63 लाख स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से संगठित महिलाएं 85 करोड़ परिवारों को आवश्‍यक सहयोग देती हैं। जमानत (कोलैटरल) मुक्त ऋण देने की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की जाएगी।

पीएम गरीब कल्याण पैकेज के तहत अन्य उपाय

संगठित क्षेत्र:

कर्मचारी भविष्य निधि नियमनों में संशोधन कर ‘महामारी’ को भी उन कारणों में शामिल किया जाएगा जिसे ध्‍यान में रखते हुए कर्मचारियों को अपने खातों से कुल राशि के 75 प्रतिशत का गैर-वापसी योग्य अग्रिम या तीन माह का पारिश्रमिक, इनमें से जो भी कम हो, प्राप्‍त करने की अनुमति दी जाएगी।
ईपीएफ के तहत पंजीकृत चार करोड़ कामगारों के परिवार इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण कोष:

‘भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों के लिए कल्याण कोष’ केंद्र सरकार के एक अधिनियम के तहत बनाया गया है।
कोष में लगभग 3.5 करोड़ पंजीकृत श्रमिक हैं।
राज्य सरकारों को इस कोष का उपयोग करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे, ताकि वे इन श्रमिकों को आर्थिक मुश्किलों से बचाने के लिए आवश्‍यक सहायता और सहयोग प्रदान कर सकें।

जिला खनिज कोष

राज्य सरकार से जिला खनिज कोष (डीएमएफ) के तहत उपलब्ध धनराशि का उपयोग करने को कहा जाएगा, ताकि कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए चिकित्सा परीक्षण (टेस्टिंग), स्क्रीनिंग और अन्य आवश्यकताओं की पूरक एवं संवर्धित या बढ़ी हुई सुविधाओं का इंतजाम किया जा सके और इसके साथ ही इस महामारी की चपेट में आए मरीजों का इलाज भी हो सके।

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