प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2022 – Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana

Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana : वर्ष 2015-16 में भारत सरकार द्वारा इस सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने हेतु प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना प्रारंभ की गयी है। यह प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय वाली योजना है. सूक्ष्म सिंचाई एक उन्नत सिंचाई प्रणाली है जिसके द्वारा पौधे के जड़ क्षेत्र में विशेष रूप से निर्मित प्लास्टिक पाईपों द्वारा कम समय अन्तराल पर पानी दिया जाता है। तथा पारंपरिक सिंचाई की तुलना में 60 प्रतिशत कम जल की खपत होती है। इस प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए उदेश्य से लागू किया है।

प्रधानमंत्री-कृषि-सिंचाई-योजना-ऑनलाइन-एप्लीकेशन

इस प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अन्तर्गत ड्रीप सिंचाई पद्दति, स्प्रिंकलर सिंचाई पद्दति एवं रेनगन सिंचाई पद्दति उपयोग किया जाता है। जिसके अन्तर्गत जल वितरण लाइनो और साज समान कन्ट्रोल हेड प्रणाली एवं उर्वरक टैन्क रहते हैं। इस प्रणाली को अपनाकर यदि उर्वरक का व्यवहार इसके माध्यम से किया जाय तो इससे लगभग 25 से 30 प्रतिशत उर्वरक की बचत होती है। इस सिंचाई प्रणाली से फसल के उत्पादकता में 40 से 50 प्रतिशत की वृद्धि तथा उत्पाद की गुणवता उच्च होती है। इस सिंचाई प्रणाली से खर-पतवार के जमाव में 60 से 70 प्रतिशत की कमी होती है जिसके कारण मजदुरों के लागत खर्च में कमी तथा पौधों पर रोगो के प्रकोम में भी कमी आती है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पात्रता एवं शर्ते?

  1. किसान के पास स्वयं का भुमि अथवा 7 वर्षो का लीज का भुमि होना आवश्यक है।
  2. स्वयं की भुमि की स्थिति में L.P.C होना आवश्यक है।
  3. अगर लीज का भुमि है तो 7 वर्षों का निबंधित लीज/1000.00 रूपये का स्टाम्प पेपर पर लीजदाता एवं लीज लेने वाले का प्रथम श्रेणी के दण्डाधिकारी के समक्ष लिया गया शपथ पत्र।
  4. ड्रीप सिंचाई हेतु कम से कम 0.5 एकड़ रकवा तथा अधिक से अधिक 12.5 एकड़ रकवा तथा स्प्रिंकलर सिंचाई हेतु कम से कम 1 एकड़ अधिकतम 5 एकड़ तक लाभ लिया जा सकता है।
  5. इस योजना का लाभ जो किसान पुर्व में ले चुके हैं उन्हें 7 वर्षों के बाद ही पुनः योजना का लाभ देय होगा।
  6. छोटे किसान योजना का लाभ समुह में लें सकतें हैं।
  7. योजना का लाभ व्यक्तिगत रूप से लेने हेतु जल श्रोत आवश्यक है।
  8. अगर किसान स्वयं अनुदान का लाभ अपने बैंक खाते में लेना चाहते हैं तो उनका बैंक खाता आधार लिंक्ड होना आवश्यक है।
  9. अनु०जा० एवं अनु०जनजाति पर क्रमशः 16 एवं 1 प्रतिशत कुल कर्णांकित राशि का व्यय आवश्यक है।
  10. आवेदन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर ऑनलाइन स्वीकृत किया जायेगा।

ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, ऐप और एवं स्वामित्व योजना शुरू, जाने सभी जानकारी

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ऑनलाइन आवेदन

बिहार में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में आवेदन करने के लिए DBT के ऑफिसियल वेबसाइट http://horticulture.bihar.gov.in/PMKSYMI/AboutPMKSY.aspx पर जा कर आवेदन करना होगा।

किसानों द्वारा कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana आवेदन करते समय निम्न सूचना देना अनिवार्य है

  • भुमि का थाना संख्या, खाता, खेसरा एवं रकवा दर्ज करना।
  • निबंधन पोर्टल से प्राप्त निबंधन संख्या दर्ज करना।
  • स्वअभिप्रमाणित LPC की छायाप्रति अपलोड करना।
  • किसान द्वारा जिस कंपनी से सामग्री प्राप्त करना है, प्राथमिकता के आधार पर 3 कंपनियों का विकल्प देना।
  • किसान अनुदान की राशि स्वयं अथवा कंपनी को भुगतान हेतु विकल्प देंगे।
  • सूक्ष्म सिंचाई अन्तर्गत प्रतिष्ठापन किये जाने वाले यंत्र का चुनाव करना।
  • किसान द्वारा स्वयं का मोबाईल नं० अंकित करना।

किसान द्वारा Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana ऑनलाइन भरे गये आवेदन को Submit करने पर Reference नं० Create होगा जिसे किसान द्वारा सुरक्षित रखा जायेगा। यह Reference नं० किसान के मोबाईल पर SMS के रूप में जायेगा। इस नंम्बर के आधार पर किसान अपना आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकतें हैं।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की प्रक्रिया – Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana Process

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आवेदन स्वतः किसान द्वारा चुने गये प्रथम कंपनी के पास स्थानान्तरण हो जायेगा।

  1. प्रथम कंपनी को 7 दिनों के अन्दर किसान द्वारा दर्ज कराये गये सूचना के आलोक में उनके भुमि का GPS से मापी तथा यंत्र अधिष्ठापन के पुर्व जमीन के उत्तर-पुर्व कोने से जियोटैग फोटोग्राफी लेकर System में अपलोड करना तथा यंत्र अधिष्ठापन हेतु प्राक्कलन अपलोड करना। यह कार्य 7 दिनों के अन्दर कंपनी द्वारा निष्पादित किया जाना है।
  2. अगर कंपनी द्वारा 7 दिनों के अन्दर निष्पादित नहीं होता है तो आवेदन स्वतः किसान द्वारा दिये गये विकल्प के दुसरे कंपनी के पास स्थानान्तरण हो जायेगा। उक्त कपंनी को भी कंडिका क में दर्शाये गये प्रक्रिया 7 दिनों के अन्दर पुरी करनी है।
  3. अगर विकल्प के दुसरे कंपनी के द्वारा भी 7 दिनों के अन्दर प्रक्रिया पुरी नहीं होती है तो आवेदन स्वतः विकल्प के तीसरे कंपनी के पास स्थानान्तरण हो जायेगी। तीसरे कंपनी को भी कंडिका 4(क) में दर्शाये गये प्रक्रिया 7 दिनों के अन्दर पुर्ण कर लेना है।

कंपनी द्वारा प्रक्रिया पुर्ण करने के उपरान्त आवेदन स्वतः संबंधित प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी के पास स्थानान्तरण हो जायेगा प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी आवेदन में दर्ज किये गये सूचना एवं कागजात का भौतिक सत्यापन करेंगे तथा सही पाये जाने पर Accept करेंगे। अगर गलत आवेदन है तो Reject करेंगे। आवेदन Reject करने की सूचना संबंधित किसान को SMS के माध्यम से सूचित करेंगे। यह प्रक्रिया उनके द्वारा 7 दिनों के अन्दर पुर्ण किया जाना है। अगर 7 दिनों के अन्दर प्रक्रिया पुर्ण नहीं होती है तो आवेदन स्वतः सहायक निदेशक उद्यान के पास स्थानान्तरण हो जायेगा।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना स्टेटस -Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana Status

सहायक निदेशक उद्यान आवेदन में दर्ज की गयी सूचना एवं कागजात का भौतिक सत्यापन स्वयं अथवा अपने अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा भौतिक सत्यापन करायेंगे तथा 7 दिनों के अन्दर आवेदन को Accept अथवा Reject करेंगे। आवेदन Reject करने की स्थिति में संबंधित किसान को उनके द्वारा Reject करने का कारण सहित सुचना SMS के माध्यम से किसान, कंपनी एवं मुख्यालय को देंगे। अगर 7 दिनों के अन्दर उनके द्वारा आवेदन पर कोई कार्रवाई नही की जाती है तो स्वतः कार्यादेश निर्गत हो जायेगा। जिसकी सूचना किसान, संबंधित कंपनी, संबंधित प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी एवं संबंधित सहायक निदेशक उद्यान को SMS के माध्यम से उपलब्ध होगा।

सूक्ष्म सिंचाई अनुदान प्राप्ति

कार्यादेश प्राप्त करने वाली कंपनी संबंधित किसान से सम्पर्क कर उनके अंश की राशि प्राप्त करेगी। कंपनी द्वारा 25 दिनों के अन्दर किसान के खेत पर यंत्र का अधिष्ठापन कर दिया जाना है। अधिष्ठापन करने के उपरान्त कंपनी द्वारा खेत का उत्तर-पूर्व कोने से लिया गया जियोटैग फोटोग्राफ, GPS Measurement तथा कराये गये कार्य का विपत्र अपलोड कर देना है। कंपनी अपने विपत्र पर किसान द्वारा संतुष्टि प्रमाण पत्र भी अंकित करायेंगे। स्प्रिंकलर पद्दति अन्तर्गत किसान को अपने अंश की राशि RTGS के माध्यम से कंपनी को भुगतान कर उसका रसिद की छायाप्रति कंपनी को उपलब्ध करायेंगे तथा कंपनी इसे अपलोड करेंगे।

कंपनी द्वारा प्रक्रिया कंडिका 7 पुर्ण करने के उपरान्त आवेदन स्वतः संबंधित प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी के पास स्थानान्तरण हो जायेगा। 9. प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी यंत्र अधिष्ठापित भुमि का तथा आवेदक का भौतिक सत्यापन 7 दिनों के अन्दर पुर्ण करेंगे। System में अगर सभी सुचना सही है तो Submit करेंगे। अगर कुछ सुचना गलत है तो उसे System में दर्ज करते हुये Submit करेंगे। Area के बदलाव की स्थिति में अनुदान दर स्वतः कम्प्युटर द्वारा Calculate होगा। प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी द्वारा 7 दिनों के अन्दर प्रक्रिया पुर्ण नही की जाती है तो आवेदन स्वतः संबंधित सहायक निदेशक उद्यान के पास स्थानान्तरण हो जायेगा।।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आवेदन का भौतिक सत्यापन

संबंधित सहायक निदेशक उद्यान कंपनी द्वारा एवं आवेदक द्वारा उपलब्ध कराये गये सुचना एवं आवेदक का भौतिक सत्यापन स्वयं अथवा अपने अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा 7 दिनों के अन्दर कराने के उपरान्त सही पाये जाने पर Submit करेंगे। अगर भौतिक सत्यापन में कुछ गलतियाँ है तो इसे दर्ज करते हुये System में Submit करेंगे। Area के बदलाव की स्थिति में अनुदान दर स्वतः कम्प्युटर द्वारा Calculate होगा। अगर 7 दिनों के अन्दर उनके द्वारा भौतिक सत्यापन नहीं किया जाता है तो आवेदन स्वतः भुगतान हेतु मुख्यालय में स्थानान्तरण हो जायेगा।

मुख्यालय द्वारा आवेदन एवं संबंधित कागजात का हार्ड कॉपी के रूप में अभिलेख तैयार कर संधारित किया जायेगा तथा सहायक निदेशक उद्यान द्वारा प्रतिवेदित प्रतिवेदन के आधार पर अनुदान भुगतान हेतु Advice के रूप में बैंक को Forward 3 दिनों के अन्दर कर दिया जायेगा। 3 दिनों के अन्दर पुर्ण नहीं होता है तो आवेदन स्वतः बैंक में अनुदान भुगतान हेतु स्थानान्तरित हो जायेगा।

बैंक द्वारा अनुदान की राशि DBT-IN-KINDS के रूप में PFMS के माध्यम से संबंधित कंपनी के आधार लिंक्ड बैंक खाता में उपलब्ध कराया जायेगा। 13. कपंनी का खाता वही रहेगा जिसे उनके द्वारा निबंधन के समय दिया गया था।

अगर संबंधित प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी एवं सहायक निदेशक उद्यान द्वारा समय पर आवेदन निस्तार नही किया जाता है जिसके कारण आवेदन स्वतः अगले स्तर पर स्थानान्तरण हो जाता है वैसी स्थिति में किसी प्रकार की अनियमितता होती है तो उसके लिए पुर्ण रूप से संबंधित प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी एवं सहायक निदेशक उद्यान दोषी माने जायेंगे।

भुगतान प्रक्रिया – Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana payment process

संबंधित प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी एवं सहायक निदेशक उद्यान द्वारा प्रक्रिया पुर्ण नही किये जाने की स्थिति में भुगतान होता है तो वैसे शत्-प्रतिशत आवेदनों का मुख्यालय द्वारा जाँच टीम गठित कर जाँच करायी जायेगी। जाँच प्रतिवेदन में अनियमितता परिलक्षित होने पर संबंधित प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी एवं सहायक निदेशक उद्यान को दोषी मानते हुये उनके उपर अनुशासनात्मक कार्रवाई तथा अनियमित अनुदान भुगतान की राशि उनसे वसूलने की कार्रवाई की जायेगी।

अगर संबंधित कंपनी 25 दिनों के अन्दर कार्य पुर्ण नही करती है तो मुख्यालय स्तर से उन्हें चेतावनी देते हुये 7 दिनों के अन्दर पुर्ण करने का निदेश दिया जायेगा। फिर भी 7 दिनों के अन्दर कार्य पुर्ण नहीं होता है तो 5000.00 रूपये प्रति विलम्बित आवेदन की दर से आर्थिक दण्ड के रूप में उनको भुगतान की जाने वाली अनुदान की राशि से कटौती कर ली जायेगी। अगर 7 दिन के अन्दर उनके द्वारा यंत्र अधिष्ठापित नहीं किया जाता है तो उनके निबंधन के निलम्बन पर विचार किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना लाभार्थी के चयन का आधार –

लाभार्थी का चयन “पहले आओ पहले पाओ के आधार पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से आवेदन Submit करने के उपरांत स्वतः होगा। इस योजना अन्तर्गत लघु एवं सीमांत कृषकों हेतु 90 प्रतिशत राशि तथा अन्य किसान हेतु 10 प्रतिशत राशि का प्रावधान कार्य योजना में आरक्षित है। इसके अतिरिक्त कुल योजना राशि का 16 प्रतिशत अनु०जा० पर तथा 1 प्रतिशत अनु०जनजा० पर व्यय किया जाना है।

अनुदान में बढ़ोतरी –

प्रस्तावित योजना अन्तर्गत ड्रीप सिंचाई पद्दति हेतु गत् वर्ष दिये जाने वाले 75 प्रतिशत अनुदान से बढ़ाकर 90 प्रतिशत अनुदान का प्रस्ताव है। स्प्रिंकलर सिंचाई पद्दति अन्तर्गत अनुदान में कोई बदलाव का प्रस्ताव नहीं है। ड्रीप सिंचाई पद्दति गन्ना, सब्जी, फल एवं फूल की खेती हेतु एक वरदान है। इस पद्दति अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा निर्धारित सूचक दर पर 12 प्रतिशत GST किसानों को देना होता है। GST पर कोई अनुदान देय नहीं है।

गन्ना, सब्जी एवं फूल हेतु भारत सरकार द्वारा सूचक दर 129073.00 रूपये/हे. निर्धारित है। इस पर 90 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराने पर भी किसान को 15489.00 रूपये GST एवं 12907.00 रूपये सूचक दर का अंश यानि कुल 28396.00 रूपये भुगतान किसान अंश के रूप में किया जायेगा। इसके अलावा सैण्ड फिल्टर एवं हाईड्रोसाईक्लोन फिल्टर हेतु किसान को 3080 00 रूपये अलग से भुगतान करना होगा। किसान द्वारा लागत राशि अधिक रहने के कारण इस पद्दति का Installation नहीं कराया जाता था।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में कंपनी को अनुदान भुगतान –

सुक्ष्म सिंचाई पद्दति अन्तर्गत लागत राशि अधिक रहने के कारण अधिकांश किसान पुरा मुल्य भुगतान कंपनी को करने में सक्षम नहीं थे, जिसके कारण गत् वर्षो में इस योजना का व्यय काफी कम था। पुर्व वर्षों के अनुभव के आधार पर इस योजना को पुर्ण रूप से GGRC Model के आधार पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से योजना के कार्यान्वयन का प्रस्ताव है। सॉफ्टवेयर बनकर तैयार है। सॉफ्टवेयर से संबंधित विस्तृत कार्यान्वयन विवरण संलग्न है।

3 thoughts on “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2022 – Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!