डीयू का फरमान, प्रिंसिपलों की स्थाई नियुक्ति के बाद ही कॉलेज कर सकेंगे कर्मचारियों की नियुक्ति

डीयू का फरमान, प्रिंसिपलों की स्थाई नियुक्ति के बाद ही कॉलेज कर सकेंगे कर्मचारियों की नियुक्ति

दिल्ली विश्वविद्यालय में एक बार फिर शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने में एक बार फिर देर हो सकती है।

हालांकि डीयू के इस फरमान का शिक्षक संगठनों ने विरोध किया है और कुलपति से तत्काल यह पत्र वापस लेने की मांग की है।

आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह को पत्र लिखकर मांग की है

पत्र में शैक्षिक व गैर-शैक्षिक पदों की भर्तियों पर रोक संबंधी सर्कुलर को वापिस लेने की मांग की है

असिस्टेंट रजिस्ट्रार द्वारा यह सर्कुलर उन कॉलेजों को भेजा गया है जिन कॉलेजों में ऑफिशिएटिंग या एक्टिंग प्रिंसिपल काम कर रहे हैं।

उन कॉलेजों में स्थायी प्रिंसिपल की नियुक्ति ना होने तक शिक्षकों व कर्मचारियों की संविदा,तदर्थ, स्थाई आधार पर किसी तरह की कोई नियुक्ति नहीं होगी।

ऑफिशिएटिंग प्रिंसिपलों के अलावा यह सर्कुलर गवर्निंग बॉडी के चेयरमैनों को भेजा गया है।

डीयू में लगभग दो दर्जन से अधिक कॉलेजों में स्थाई पद पर प्रिंसिपल नहीं है।

प्रिंसिपल के पद पर विशेष कार्य अधिकारी, कार्यवाहक प्रिंसिपल कॉलेज संचालित कर रहे हैं।