प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 2022 (PMMSY)- PM Matsya Sampada Yojana

बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना” के अधीन “उद्यमिता मॉडल’ के तहत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये जाते हैं जो भी लाभार्थी इस योजना का लाभ लेना चाहते है वो इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत बिहार में मत्स्य पालन और मछली से जुड़े व्यवसाय करने वाली महिलाओं को 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है तथा अन्य लोगों को 40 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए मत्स्य पालन से जुड़े 29 तरह के व्यवसाय के लिए आवेदन किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 10 सितम्बर 2020 को प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana-PMMSY) की शुरुआत किया गया था. इस मौके पर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) योजना के तहत सीतामढ़ी में Fish Brood Bank और किशनगंज में Aquatic Disease Referral Laboratory की शुरुआत किया गया था जो मछली के उत्पादन को बढ़ाने में लोगो की मदद करेगा.

जिसमे लोग अपने निजी जमीन पर नये तालाब का निर्माण, रियेरिंग, तालाब व बायोफ्लॉक तालाब का निर्माण कर अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। इस निर्मित तालाबों में बीज खाद्य की उपलब्ध के लिए इनपुट योजना, मत्स्य आहार निर्माण, फिश फीड मिल, अलंकारी मछलियों का संर्वधन, मोटरसाइकिल सह आइस बॉक्स और रेफ्रीरेटेड वाहन की योजना में किसानों सरकार की ओर से अनुदान का लाभ लोगो को दिया जायेगा।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना क्या है?:

मत्स्य के क्षेत्र में सतत् विकास एवं नीली क्रांति लाने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) की शुरूआत की गयी है। इस योजना का उद्देश्य मछली उत्पादन के साथ-साथ उत्पादकता बढ़ाना, प्रौद्योगिकी, आधुनिकीकरण और मूल्य श्रृंखला, गुणवत्ता को मजबूत करना एवं खामियों को दूर करना तथा मत्स्य उत्पादन के बाद के नुकसान को कम करना है। 

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना में कितना अनुदान मिलता है?

इस प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति एवं महिलाओं के लिए इकाई लागत का 60 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है जबकि अन्य वर्ग(जाती) के आवेदकों को उसके इकाई लागत का 40 प्रतिशत अनुदान देय होगा

आवेदन हेतु पात्रता

व्यक्तिगत व्यवसायी/निजी फर्म, मत्स्य श्रमिक, मछुआरा, मत्स्य पालक, स्वंय सहायता समूह, मत्स्य व्यवसायी, मत्स्य विक्रेता, स्वंय सहायता समूह, ज्वांइट लायबिलिटी समूह, मत्स्य सहकारी समिति, मत्स्य सहकारी संघ/महासंघ, मत्स्य किसानों एवं मत्स्य उत्पादकों का समूह, संस्था, कंपनी, उद्यमियों, दिव्यांग व्यक्ति आदि।

योजना की गतिविधियाँ

  • मत्स्य पालन का विकास – तालाब, हैचरी, फिड मिल, क्वॉलिटी टेस्टिंग लैब तथा मत्स्य भंडारण एवं संरक्षण के लिए संरचनाओं के निर्माण
  • समेकित मत्स्य पालन – रिर्सकुलेटरी एक्वाकल्चर (आर०ए०एस०), बायोफ्लॉक, एक्वापोनिक्स, फिश फीड मिल, इनसुलेटेड एवं रेफ्रिजिरेटेड वाहन तथा फिश कियोस्क
  • विशेष क्षेत्र- केज में मत्स्यपालन, अलंकारी मत्स्य पालन, विपणन एवं ब्रैंडिंग, मत्स्य प्रसंस्करण इकाई तथा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अन्य अवयव

अनुदान

अनुसूचित जाति/जनजाति एवं महिलाओं हेतु परियोजना (लागत) राशि का 30 प्रतिशत तथा अन्य श्रेणी हेतु 25 प्रतिशत । बैंक ऋण के माध्यम से 60 प्रतिशत एवं शेष लाभुकों का अंशदान ।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के आवेदन करने हेतु आवेदक वेबसाहट www.fisheries.ahdbihar.in पर लॉगईन कर नीचे दिए गए वीडियो को देखे , और वीडियो में दिए गए सभी स्टेप को पूरा करते हुए आवेदन करे या दिये गए Operational guidelines के अनुसार आवेदन विहित प्रपत्र में समर्पित करें। साथ ही DPR की एक प्रति अपने जिले के जिला मत्स्य कार्यालय में भी समर्पित करें।

लाभार्थी को स्वंय का SCP/DPR तैयार कर प्रस्ताव के साथ समर्पित करना अनिवार्य होगा | DPR का टैम्पलेट http://fisheries.ahdbihar.in/docs/PMMSY%20(DPR).pdf से डाउनलोड किया जा सकता है।

किसी भी अवयव हेतु सर्पित DPR/SCP की राशि उक्त इकाई लागत से ज्यादा भी हो सकती है किंतु अनुदान उक्त अयवय हेतु वर्णित इकाई लागत के अनुरूप ही देय होगा। DPR के टेम्पलेट http://fisheries.ahdbihar.in/docs/PMMSY%20(DPR).pdf से डाउनलोड कर सकते हैं या जिला मत्स्य कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।

किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर टोल फ्री नं: 1800-345-6185/0612-2230200-04 पर संपर्क करें। ईमेल[email protected]

योजना के विस्तृत जानकारी हेतु अपने जिले के जिला मत्स्य पदाधिकारी-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी से अथवा टॉल-फ्री नम्बर-1800-345-6185 तथा 0612-2230200-04 पर संपर्क करें। विस्तृत जानकारी विभागीय बेवसाईट-http://ahd.bih.nic.in/ पर उपलब्ध है। 

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि :- 31/08/2021 है

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के लाभार्थी आधारित अवयय एवं इकाई लागत?

क्रमांक अवयव का नामइकाई लागत (रूपये में)
1फिनफिश (कार्प) हैचरी की स्थापना25.00 लाख
2नये रियरिंग तालाबों का निर्माण (नर्सरी/रियरिंग बीज)7.00 लाख/हे
3नये संचयन तालाबों (ग्रो आउट) का निर्माण।7.00 लाख/हे.
4तजे पानी एक्वाकल्चर के लिए प्रथम वर्ष इनपुट जिसमें झींगा पालन, पंगेशियस, तिलापिया आदि 4.00 लाख/हे.
5बायोफ्लॅॉक तालाबों (पी-लाइनिंग) का निर्माण प्रथम वर्ष इनपुट सहित।  इनपुट @4 लाख/0.1 हेक्टेयर।14.00 लाख/हे.
6जलाशयों में मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन @1000 अंगुलिका/हेक्टेयर (3.0 रूपये पीस प्रति अंगुलिका)0.03 लाख/हे
7 आर्द्रभूमि में मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन @1000 अंगुलिका/हेक्टेयर (3.0 रूपये पीस प्रति अंगुलिका)0.03 लाख/हे
8 बैकयार्ड सजावटी मछली पालन इकाई (300 sqft.)3.00 लाख
9मध्यम स्केल सजावटी मछली इकाई पालन (150 sqft.)8.00 लाख
10एकीकृत सजावटी मछली इकाई (प्रजनन एवं पालन-500sqft.)25.00 लाख
11छोटे आर ए एस की स्थापना (1 टैंक 10om के साथ)7.50 लाख
12बायोफ्लॉक सिस्टम प्रणाली (4 मीटर व्यास और 1.5 मीटर उँचा 7 टैंक)।7.50 लाख
13जलाशयों/आर्द्रभूमि में केजों (पिंजरों) की स्थापना।3.00 लाख
141कोल्ड स्टोर एवं आईसप्लांट (भंडारण क्षमता 10 टन)30.00 लाख
15कोल्ड स्टोरेज/आईसप्लांट (भंडारण क्षमता 20 टन,1 टन ब्लास्टफर्नेस सहित)30.00 लाख
16रेफ्रिजेटेड वाहन (40 फीट)25.00 लाख
17थ्रीव्हीलर आईस बॉक्स सहित।3.00 लाख
18मोटर साईकिल आईस बाक्स सहित ।0.75 लाख
19साईकिल आईस बाक्स सहित।0.10 लाख
.20इनसुलेटेड वाहन।20.00 लाख
21लाईव फिश वेंडिंग सेन्टर।20.00 लाख
22मिनी फिश फिड मिल (क्षमता 2 टन/दिन)30.00 लाख
23मध्यम फिश फिड मिल (उत्पादन क्षमता 8 टन/दिन)100.00 लाख
24 बड़ा फिश फिड मिल (उत्पादन क्षमता 20 टन/दिन)200.00 लाख
25फिश फीड प्लांट (उत्पादन क्षमता न्यूनतम 100 टन/दिन)650.00 लाख
26फिश कियोस्क (मछली बिक्री केन्द्र इकाई अलंकारी मछली सहित) का निर्माण ।10.00 लाख
27मोबाईल फिश क्योस्क ।10.00 लाख
28मछली और मत्स्य उत्पादों के ई-ट्रेडिंग और ई-मार्केटिंग के लिए ई-प्लेटफार्म ।10.00 लाख
29 विस्तार और सहायता सेवाएँ (मत्स्य सेवा केन्द्र)25.00 लाख
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के लाभार्थी आधारित अवयय एवं इकाई लागत?

नोट: क्रमांक सं.- 13 से 29 तक के अवयव के लिए Detailed Project Report (DPR)/Self Content Proposal (SCP) समर्पित करना अनिवार्य होगा। 

मछली पालको को मिलेंगे अच्छे मछली के बच्चे

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना

इस Fish Brood Bank और Aquatic Disease Referral Laboratory से मछली पालको को अच्छे मछली के बच्चे भी मिल पाएंगे. इस मौके पर मधेपुरा में एक मछली के लिए चारा बनाने के एक प्लांट की भी शुरुआत करेंगे. इसके अलावा बिहार, पूसा (Samastipur)में स्थित Dr. Rajendra Prasad Central Agricultural University में एक फिश प्रोडक्शन टेक्नॉलाजी सेंटर की भी शुरूआत की जाएगी.

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना

इस प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का मुख्य उदेश्य को देश भर में मत्स्य पालन को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है. यह प्रधान मंत्री मत्स्य सम्पदा योजना स्कीम आत्म निर्भर भारत अभियार का हिस्सा है. आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत वित्त वर्ष 2020-2021 से 2024-2025 की अवधि के दौरान सभी राज्यों में कार्यान्वित किया जाना है। इस योजना में 20,050 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश होना है। केंद्र सरकार के मुताबिक इस स्कीम से देश में लगभग 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा.

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है –

  • उत्पादन और उत्पादकता को प्रोत्साहन
  • अवसंरचना और उत्पादन बाद प्रंबधन
  • मत्स्य पालन प्रबंधन और नियामक फ्रेमवर्क

PMMSY योजना के तहत देश में 2024-25 में मछली के उत्पादन को लगभग 70 लाख टन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार ने 2024-25 तक मछली के निर्यात से एक लाख करोड़ रुपये की कमाई का लक्ष्य रखा है. मछली पालन में लगे लोगों की आय को दो गुना करने के साथ ही मछली की प्रोसेसिंग में होने वाले नुकसान को भी 25 फीसदी तक घटाने का लक्ष्य रखा है. सरकार के मुताबिक इस स्कीम से देश में लगभग 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा.

मछली पालन योजना बिहार हेतु ऑनलाइन पंजीकरण

कौशल विकास योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

5 लाख का ऋण, बिना किसी ब्याज के बिहार SC,ST मुख्यमंत्री उद्यमी योजना

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महिलाओं को मछली व्यवसाय के लिए 60 प्रतिशत अनुदान मिलेगा

राज्य में मत्स्य पालन और मछली से जुड़े व्यवसाय करने वाली महिलाओं को 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। अन्य लोगों को 40 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्यपालकों को यह लाभ दिया जाएगा।  प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन से जुड़े 29 तरह के व्यवसाय के लिए आवेदन किया जा सकता है। इनमें निजी जमीन पर नये तालाब का निर्माण, रियेरिंग तालाब व बायोफ्लॉक तालाब हैं। निर्मित तालाबों में बीज खाद्य की उपलब्ध के लिए इनपुट योजना, मत्स्य आहार निर्माण, फिश फीड मिल, अलंकारी मछलियों का संर्वधन, मोटरसाइकिल सह आइस बॉक्स और रेफ्रीरेटेड वाहन की योजना में किसानों को अनुदान का लाभ मिलेगा।

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