एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स कैसे करे? Energy Management in Hindi

जैसे नाम से ही पता चलता है की एनर्जी मैनेजमेंट (Energy Management) या पावर मैनजमेंट (Power Management) में एनर्जी (Energy ) को मैनेज करना होगा. इस दुनिया में ऊर्जा श्रोत लिमिटेड नहीं है इसलिए ऊर्जा को मैनेज कर के चलना पड़ेगा जिसके लिए एनर्जी मैनेजमेंट प्रोफेशनल की जरुरत होता है एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स के अंतर्गत प्राकृतिक संसाधनों के माध्यम जैसे तेल, गैस, जैव ईंधन, जल, पवन, सौर ऊर्जा से ऊर्जा का उत्पादन, संग्रह एवं बचत के बारे में विस्तृत अध्ययन कराया जाता है 

आज जिस तेजी से दुनिया में सभी देशों का विकास हो रहा है, इससे भी कई गुना ज्यादा तेजी से ऊर्जा (Energy) की मांग बढ़ रही है। जिसमे इंडस्ट्री से लेकर घरेलू उपयोग तक में ऊर्जा की खपत लगातार बढ़ रही है ऐसे में ऊर्जा उत्पादन और उसका संरक्षण किसी भी देश की पहली प्राथमिकता बन चुका है। अपने देश में कई सरकारी व गैर-सरकारी संगठन ऊर्जा उत्पादन एवं संरक्षण की दिशा में काम कर रहे हैं यही कारण है कि एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। और आप इस ऊर्जा श्रोतो की कमी और संकट से उबरने के प्रयासों के बीच एनर्जी सेक्टर में करियर बना सकते हैं.

एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स

एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स में अवसर

सॉफ्टवेयर कंपनी से लेकर कंस्ट्रक्शन साइट तक लगभग सभी क्षेत्रों में ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा एनर्जी के नये स्रोतों की खोज, उत्पादन एवं विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है. जिसके लिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत जैसे सौर ऊर्जा, विंड एनर्जी, बायो एनर्जी, हाइड्रो एनर्जी , रिन्यूएबल एनर्जी आदि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। और इन सब को मैनेज करने के लिए काफी संख्या में एनर्जी मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की होगी। इसलिए नए युग के हिसाब से देश ही नहीं विदेश में भी एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स कर अपना करियर बना सकते है.

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क्या है एनर्जी सेक्टर ? – What is energy sector?

एनर्जी सेक्टर को विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ कर देखा जाता है, जैसे ईंधन, पेट्रोलियम, गैस, कोयला, सौर ऊर्जा, पावर प्लांट, पवन ऊर्जा एवं परमाणु ऊर्जा उद्योग आदि.

लोगों में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए भारत में प्रतिवर्ष 14 दिसंबर को राष्ट्रीय ऊर्जा दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का एक उद्देश्य एनर्जी सेक्टर में योग्य लोगो की नियुक्ति को बढ़ावा देना भी है.

एनर्जी सेक्टर में कोर्स के लिए शैक्षणिक योग्यता?

अगर आप एनर्जी सेक्टर में करियर बनाना चाहते है तो इसके लिए किसी भी मान्यताप्राप्त संस्थान से 12th (इंटर) Science  विषय से किया होना चाहिए जिसमे पीसीएम (Physic ,Chemistry और Math या Physic ,Computer science और Math ) के साथ बारहवीं पास होना आवश्यक है.

बारहवीं (12th) के बाद एनर्जी इंजीनियरिंग के लिए बीइ या बीटेक कोर्स में दाखिला ले सकते है. वही अगर मास्टर डिग्री करना चाहते है तो इसके लिए एमइ/ एमटेक भी कर सकते हैं. और अगर पोस्ट ग्रेजुएट करना चाहते है तो एनर्जी मैनेजमेंट में एमबीए या पीजीडीएम भी कर सकते हैं.

एनर्जी मैनेजमेंट के लिए प्रवेश परीक्षा

Common Management Admission Test (CMAT) –यह एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। जो की NTA (National Testing Agency) द्वारा सभी Management Courses के लिए लिया जाता है यह JNU और AICTE के द्वारा Approved सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए मान्य है।

कहाँ से कर सकते है एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स?

देश के कई यूनिवर्सिटी और संस्थान एनर्जी मैनेजमेंट या एनर्जी स्टडीज से जुड़े कोर्स संचालित कर रहे हैं. इन एनर्जी मैनेजमेंट कोर्सेज में प्राकृतिक संसाधनों के माध्यम जैसे तेल, गैस, जैव ईंधन, जल, पवन, सौर ऊर्जा से ऊर्जा का उत्पादन, संग्रह एवं बचत का अध्ययन कराया जाता है.

एनर्जी मैनेजमेंट को पावर मैनेजमेंट भी कहते है जिसे कई बिजनेस संस्थान एमबीए कोर्स के रूप में संचालित कर रहे हैं. एनर्जी मैनेजमेंट में एमबीए कोर्स ग्रेजुएशन के बाद किया जा सकता है। वही रिसर्च करने के लिए मास्टर डिग्री होना जरूरी होता है।अधिकतर कॉलेज/शिक्षण संस्थान इन कोर्सेज में दाखिला प्रवेश परीक्षा के माध्यम से लेते हैं.

Energy Management Courses important Highlights

Energy Management Courses important Highlights
पाठ्यक्रम का नामEnergy Management
अवधि4 (चार) वर्ष
न्यूनतम पात्रता12 वीं कक्षा साइंस में पीसीएम स्ट्रीम के साथ
प्रवेश प्रक्रियाप्रवेश आधारित / मेरिट आधारित / डायरेक्ट एडमिशन
छात्रवृत्तिप्राइवेट संस्थान प्रवेश परीक्षा में आये नंबर के आधार पर छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं / कक्षा 12वीं के आये नंबर के आधार पर

एनर्जी इंजीनियरिंग का कोर्स के लिए टॉप संस्थान

  • आइआइटी नयी दिल्ली, बॉम्बे व खड़गपुर.
  • एनआइटी तिरुचिरापल्ली, अगरतला, केरल.
  • बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, झारखंड.
  • राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल.
  • पेट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन, नयी दिल्ली.

एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स के लिए संस्थान

स्किल्स से बनते हैं तरक्की की राह आसान

आज के समय में शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ कार्य संबंधी स्किल्स को महत्व दिया जा रहा है इस लिए आपको शैक्षणिक ज्ञान के साथ साथ स्किल्स पर भी ध्यान देना होगा. स्किल्स आपके जितने अच्छे होंगे उतनी अच्छी  सैलेरी और पोस्ट दिया जायेगा. एनर्जी सेक्टर में करियर को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए आपको विशेष ध्यान अपने कुछ स्किल्स पर देना होगा. जो इस प्रकार हैं

  • लॉजिकल व एनालिटिकल स्किल,
  • इंजीनियरिंग कंप्यूटेशन स्किल,
  • टेक्निकल राइटिंग
  • स्ट्रांग कम्युनिकेशन स्किल आदि

इसके अतिरिक्त आपमें कठिन परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता, बेसिक मेकेनिकल और इलेक्ट्रिकल का ज्ञान होना भी आवश्यक है.

निवेश के साथ बढ़ रही संभावनाएं

भारत सरकार द्वारा एनर्जी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए आये दिन नये कदम उठाये जा रहे हैं. हाल में आयोजित हुए इंडिया एनर्जी फोरम सेरावीक का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत का एनर्जी फ्यूचर उज्ज्वल और सुरक्षित है। भारत का ऊर्जा क्षेत्र पिछले पांच वर्षों में तेजी से बढ़ा है जिससे भारत तीसरा सबसे बड़ा और सबसे तेज बढने वाला डोमेस्टिक एविएशन मार्केट हैं भारत सरकार ने 2022 तक 1,75,000 मेगावॉट रीन्यएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है. साथ ही आनेवाले दस वर्षों यानी 2030 तक रीन्यूएबल ऊर्जा क्षमता बढ़ाकर 4,50,000 मेगावॉट करने का टारगेट निर्धारित किया गया है.

भारत के एनर्जी सेक्टर में वर्ष 2000 से 2019 के बीच 14.32 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया है. आनेवाले वर्षों में इस निवेश के और बढ़ने की उम्मीद है. जाहिर है निवेश में वृद्धि के साथ एनर्जी सेक्टर में युवाओं के लिए नौकरी की संभावनाए भी बढ़ेंगी.

एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स करने पर किस किस पोस्ट पर मिलेगा जॉब.

एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स करने के बाद युवा प्राइवेट एवं सरकारी दोनों क्षेत्रों में जॉब के अवसर प्राप्त कर सकते हैं. इन क्षेत्रों में आपको कमिशनिंग इंजीनियर, डिस्ट्रिब्यूशन इंजीनियर, मेंटेनेंस इंजीनियर, सबस्टेशन मैनेजर, क्वॉलिटी अश्योरेंस/क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर, विंड फार्म डिजाइनर, सोलर एनर्जी सिचस्टम इंजीनियर, प्रोजेक्ट मैनेजर, सुपरवाइजर आदि के रूप में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे.

एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए नीचे दिए गए वीडियो को दिखे और लेटेस्ट वीडियो देखने के लिए हमारा YouTube चैनल Subscribe करना का भूले.

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इस पोस्ट में हमने बताया की एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स क्या हैं और एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स कैसे कर सकते हैं हमें उम्मीद है की आपको सभी जानकारी मिल गया होगा अगर Energy Management Course पोस्ट से सम्बंधित आपके पास कोई प्रश्न है तो कृपया कमेंट कर के पूछे हम उसका जबाब जल्द से जल्द देने के कोशिश करेंगे।

11 thoughts on “एनर्जी मैनेजमेंट कोर्स कैसे करे? Energy Management in Hindi”

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