आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है Artificial Intelligence Course कैसे करें

एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) को हिंदी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता कहते है यह एक शोध क्षेत्र है जिसमे एक कंप्यूटर को मानव की तरह स्वतः रूप से मानव व्यवहार को सिखने, योजना बनाने और समस्याओं को हल करने के लिए बनाना है। आज के इस पोस्ट में बताने जा रहा हूँ की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या होता है, मशीन लर्निंग कोर्स, Artificial Intelligence Course कौन- कौन सा है, और इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कोर्स कर करियर कैसे बना सकते है. इस सभी सवालो का जबाब इस पोस्ट में दूंगा तो ध्यान से इस पोस्ट को पढ़े.

एक ज़माने में इंसान जैसे देखने वाली , इंसानो की तरह सोचने वाली और इंसानो की तरह फैसले लेने वाली मशीन फिल्मो या फिक्शन में दिखाया जाता था लेकिन धीरे-धीरे यह हमारे रियल लाइफ में दाखिल होने लगी और आज के इस डिजिटल युग में यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से हमारे जीवन का सत्य बन गई है आने वाले दिनों में इसके बिना जीवन की कल्पना करना और भी मुश्किल हो जाएगी.

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मजूदः दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल मानव निर्मित उन चीजों के लिए किया जाता है जिनमे खुद सोचने समझने और सिखने की योग्यता हो गई है यानि वो मशीन जो इंसान की तरह न सिर्फ सोच और समझ सकती है बल्कि हालत के हिसाब से खुद फैसला भी ले सकती है हाल ही के दिनों में इनका इस्तेमाल बढ़ा है और अब कहा जा रहा है की भविष्य में यह हर वो काम कर सकेंगी जो एक इंसान करता है

आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस क्या है

आई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आप सरल भाषा में कुछ यूं समझ सकते हैं कि कंप्यूटर रोबोट या किसी चिप की मदद से एक मशीन में अपने टारगेट से संबंधित जरूरी डेटा स्टोर किया जाता है। और इस डेटा से सॉफ्टवेयर तैयार होते हैं, जो किसी भी परिस्थिति के अनुसार सही आकलन कर सकें। इसके बाद ये सॉफ्टवेयर रियल टाइम परिस्थितियों में उपयोग किए जाते हैं। इसी तकनीक को एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहा जाता है।

दुनिया में सबसे जटिल चीज क्या है इसका जबाब आपके दिमाग में है दरअसल इसका जबाब भी दिमाग ही है दिमाग के बिना इंसान की अस्तित्व है ही नहीं, लेकिन सोचिये अगर मशीनों के पास एक ऐसा दिमाग जो हमारी तरह देख, सुन और बोल सके , एक ऐसा दिमाग जो अच्छे बुरे का फर्क कर सके , जिसके पास तर्क सकती हो जो इंटेलिजेंट हो आपको इस बात का अंदाजा हो न हो लकिन आप इस युग का हिस्सा बन चुके है और ये मुमकिन हुआ है आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस के जरिये.

व्हाट इज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-मशीन लर्निंग
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मानव मस्तिष्क के सोचने व काम करने की प्रक्रिया का विधिवत अध्ययन कर उसी आधार पर इंटेलिजेंट तरीके से सोचने वाला सॉफ्टवेयर तैयार किया जाता है। इसके बाद स्पेशलिस्ट कंप्यूटर पर अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से कंप्यूटर प्रोग्रामिंग या रोबोटिक्स सिस्टम तैयार किया जाता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट किसे कहते है

आप समझ ही गए होंगे कि सारा दारोमदार डेटा पर ही होता है, अगर डेटा गलत है तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी सही दिशा में काम नहीं कर पाएगी। इस जटिल काम के पीछे कुछ खास लोगों की मेहनत छिपी होती है, जिन्हें ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट’ कहा जाता है। अगर आपके पास किसी विशेष विषय पर पर्याप्त डेटा है और आप एक सॉफ्टवेयर के जरिये उसे मैनेज करना सीख लें तो आप भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मास्टर बन सकते हैं।

Artificial Intelligence Skills

इंजीनियरिंग की कई ब्रांचेज जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स, मैथेमेटिक्स आदि जब एक जगह मिल जाते हैं तो बनती है एआईयानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस।

यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसमें प्रोफेशनल्स को शैक्षिक योग्यता के साथ-साथ टेक्नोलॉजी की बेहतर समझ व तर्कशक्ति हासिल करनी होगी, क्योंकि उन्हें हर पल कुछ नया सोचना और करना होता है। इसमें तकनीक से दोस्ती सफलता के शिखर तक पहुंचाती है। यही वजह है कि इसमें मैथेमेटिक्स और कंप्यूटर साइंस पृष्ठभूमि वाले लोग बेहतर परिणाम देते हैं। धैर्य, अनुशासन, घंटों काम करने की क्षमता, लीक से अलग हटकर सोचने का कौशल आदि कई ऐसे गुण हैं, जो छात्रों को समय-समय पर मदद पहुंचाते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कार्य

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मशीनों (ज्यादातर कंप्यूटर सिस्टम या कंप्यूटर प्रोग्राम के साथ एम्बेडेड अन्य मशीनें) को ऐसे काम करने देता है या कार्य करता है जिनके लिए मानव बुद्धि की आवश्यकता होती है जैसे

  • भाषण की पहचान और संचार करना, प्रश्न का उत्तर देना, अंतर्दृष्टि देना, मानवीय भावनाओं पर प्रतिक्रिया करना, आदि।;
  • जानकारी के लिए खोज और खोज परिणामों को संप्रेषित करें; संभावित निर्णय विकल्पों की सिफारिश करने के लिए जानकारी का विश्लेषण करें;
  • छवियों को पहचानना, वस्तुओं और दृश्यों को देखना आदि और अवलोकन से निष्कर्ष निकालना;
  • एक मशीन, उपकरण, या उपकरण के नियंत्रण संचालन के साथ-साथ स्विच ऑन / स्विच ऑफ;
  • हाई टेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभिन्न स्रोतों से ज्ञान को मनुष्य के रूप में आत्मसात कर सकता है, मनुष्यों के साथ बातचीत के अनुभव से सीख सकता है, मानव भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को समझ सकता है, और फिर सीखने और अनुभव के आधार पर निर्णय ले सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रकार

मुख्यतः आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दो तरह की होती है- पहला रिसर्च एआई, दूसरा अप्लाइड एआई।

रिसर्च एआई: रिसर्च में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग आम तौर पर किसी नए नियम की खोज, नया डिजाइन बनाने या किसी डिवाइस को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए गूगल सर्च रिजल्ट्स को बेहतर बनाने के लिए रिसर्च एआई का प्रयोग होता है।

अप्लाइड एआई: अप्लाइडए आई वह है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग आम जीवन में उपयोग के लिए करते हैं। एप्पल की सिरी, एमेजॉन की एलेक्सा और एलॉन मस्क की सेल्फ ड्राइविंग कार जैसी अनगिनत डिवाइसेज अप्लाइड एआई के ही उदाहरण हैं।

Artificial Intelligence Education Requirements

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखने या इसमें करियर बनाने में दो चीजें सबसे ज्यादा जरूरी हैं- कंप्यूटर साइंस और मैथेमेटिक्स।अगर किसी को इनमें से एक में भी महारथ और दूसरे में काम चलाऊ ज्ञान है तो वह आसानी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में टॉप लेवल पर पहुंच सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में करियर बनाने के लिए इंजीनियरिंग की डिग्री होना जरूरी है। यह डिग्री कंप्यूटर साइंस, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी, गणित, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स जैसे सब्जेक्ट्स में होनी चाहिए। इसके बाद ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कुछ स्पेशलाइजेशन कोर्स ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एडवांस्ड रोबोटिक्स सिस्टम आदि. कर सकते हैं, कुछ जगहों पर कोर्सेज में एडमिशन के लिए एंट्रेस एग्जाम भी क्वालिफाई करना होता है। कंप्यूटर साइंस से जुड़े लगभग सभी टॉप इंस्टीट्यूट्स में इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर स्पेशल कोर्सेज चलाए जा रहे हैं।

Artificial Intelligence (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और मशीन लर्निंग में इस समय अमरीका टॉप पर है। प्रोफेशनल्स चाहें तो कंप्यूटर साइंस डिग्री कोर्स करें और बाद में मास्टर कोर्स में दाखिला लें। डिग्री लेने के बाद इसमें कई तरह के सर्टिफिकेट, पीजी डिप्लोमा व मास्टर कोर्स करने का विकल्प मिलता है। इनकी अवधि छह माह से लेकर दो साल तक होती है।

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Artificial Intelligence Course

भारत में आईआईटी खड़गपुर, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एमेजॉनवटेस्ला आदि कंपनियां ऑनलाइन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स करा रही हैं। इनमें एलिमेंट्स ऑफ एआई, इंट्रोडक्शन टु एआई, मशीन लर्निंग और एनपीटेल आदि प्रमुख हैं।

शॉर्ट टर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्टिफिकेट कोर्सेज के लिए हैदराबाद यूनिवर्सिटी में एम.टेक के अतिरिक्त 15 सप्ताह का शॉर्ट टर्म कोर्स भी करवाया जाता है। इसमें मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में स्टूडेंट्स को जानकारी दी जाती है।

आईआईटी खड़गपुर ने हाल ही में अपने तीन कैम्पस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर छह महीने का कोर्स शुरू किया है।

जहां तक विदेशी यूनिवर्सिटी का सवाल है तो आजकल यूनिवर्सिटी ऑफलंदन, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन आदि 5-8 हफ्ते का ऑनलाइन कोर्स करा रही हैं। ऑनलाइन स्टडी प्लेटफॉर्स ईडीएक्स और कोर्सेरा पर जाकर आप एमआईटी, यूनिवर्सिटी टेक्सस के कोर्सेज ज्वाइन कर सकते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हिंदी
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क्या हैं अवसर

डब्ल्यूईएफ यानी वर्ल्ड इकोनॉमी फोरम की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है कि वर्ष 2025 तक एआई के कारण 13.3 करोड़ नई नौकरियों की संभावनाएं होंगी। इसमें से सबसे ज्यादा मौके डेवलपर्स, ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया स्पेशलिस्ट के रूप में सामने आएंगे, लेकिन ये मौके खास तकनीक जानने वाले स्पेशलिस्टों को ही हासिल होंगे।

प्रमुख सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे गूगल, फेसबुक, लिंक्डइन आदि में बड़ी संख्या में एआई प्रोफेशनल्स रखे जा रहे हैं। इसके अलावा भविष्य में जिन अन्य प्रमुख क्षेत्रों में रोजगार की भरमार होगी,उसमें आईटी, रीटेल, फाइनेंस, ऑटो व टेक्सटाइल सेक्टर शामिल हैं। ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी जैसे एमेजॉन, फ्लिपकार्ट भी रोजगार देने में पीछे नहीं रहेंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रयुक्त मशीनों की देखभाल के लिए भी बड़ी संख्या में लोगों की जरूरत पड़ सकती है।

वेतन

इस क्षेत्र में शुरुआती दौर में कंपनी जॉइन करने पर प्रोफेशनल्स को 30-35 हजार रुपये हर महीने आसानी से मिल जाते हैं। बाद में तीन-चार साल का अनुभव हो जाने के बाद यह धनराशि बढ़कर 50-55 हजार रुपये प्रतिमाह तक भी पहुंच सकती है। अनुभव बढ़ने के साथ-साथ इनका पैकेज लाखों में चला जाता है। यही नहीं, इसमें विदेश में काम करने के अवसर भी मिलेंगे। मल्टीनेशनल व विदेशी कंपनियां प्रोफेशनल्स को मुंहमांगी कीमत देती हैं। स्वतंत्र काम में भी खूब आमदनी होती है।

प्रमुख संस्थान

मिलेंगे ये पद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में

  • बिग डेटा इंजीनियर
  • बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर
  • रोबोटिक प्रोग्रामर्स
  • सर्च इंजन एनालिटिक्स
  • मशीन लर्निंग इंजीनियर
  • सॉफ्टवेयर इंजीनियर (AI/ML)
  • डेटा साइंटिस्ट
  • बिजनेस इंटेलिजेंस डेवलपर
  • रिसर्च साइंटिस्ट

Machine Learning Engineer / Expert:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक है और मशीन लर्निंग इस तकनीक को लाने की कई तकनीकों में से एक है। मशीन लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक वर्तमान ऍप्लिकेशन्स है जो इस विचार के इर्द-गिर्द आधारित है कि मशीनें जब डेटा तक पहुंच प्रदान करती हैं, तो वे स्वयं सीख सकती हैं। मशीन लर्निंग एक्सपर्ट कंप्यूटर को टेक्स्ट पढ़ने और यह तय करने में सक्षम बना सकते हैं कि टेक्स्ट लिखने वाला व्यक्ति शिकायत कर रहा है या बधाई दे रहा है मशीन लर्निंग विशेषज्ञ मशीनों को मानव भाषाओं की विशाल बारीकियों को समझने में मदद कर सकते हैं, और यह सीखने में मदद कर सकते हैं कि हम जिस तरह से समझ सकते हैं, उस तरह से कैसे प्रतिक्रिया दें।

machine learning and artificial intelligence- मशीन लर्निंग
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AI Expert (Natural Language Processing – NLP and Speech Recognition)

यह एआई का एक सबसेट है। प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और भाषण प्रसंस्करण विशेषज्ञ कंप्यूटर को रोजमर्रा की भाषा का उपयोग करने वाले लोगों के साथ संवाद करने में सक्षम बनाने के लिए कोड लिखते हैं। वे कंप्यूटर डेटाबेस से जानकारी को पठनीय मानव भाषा में और इसके विपरीत में रूपांतरण से निपटते हैं। Speech Recognition में Phonetics और शब्द पहचान शामिल है (जिस तरह से विभिन्न राष्ट्रीयताओं के मनुष्य अलग-अलग बोलियों के साथ एक भाषा या एक ही भाषा बोलते हैं)।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य

भारत में एक बेहतर भविष्य देने की संभावनाओं ने युवाओं को इस ओर तेजी से आकर्षित किया है। विदेशों में इसका खूब इस्तेमाल भी हो रहा है। एआई ऐसी तकनीक है, जिससे आने वाले समय में हमारे रहने और कार्य करने के तरीकों में व्यापक बदलाव आएगा। साथ ही रोबोटिक्स और वर्चुअल रियलिटी जैसी तकनीकों में व्यापक विस्तार देखने को मिलेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से रोबोट को और अधिक प्रभावी और बुद्धिमान बनाया जाता है। इससे न सिर्फ उत्पादन और निर्माण, बल्कि स्वास्थ्य व शेयर बाजार के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिलेगा।

कुशलतापूर्वक रोबोटिक सर्जरी, एयर ट्रैफिक कंट्रोलिंग आदि इसी के सशक्त उदाहरण हैं। इसके अलावा खेती-किसानी में भी इस तकनीक की धमक हो गई है। इसके सहारे तैयार हो रहे ‘सेव वॉटर’ जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट किसानों की आय तथा कृषि उत्पादकता बढ़ाने वखर्चको कम करने में अहम साबित हो सकते हैं।

2019 में आई ग्रेट लर्निंग रिपोर्ट के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में करियर की शुरुआत कर रहे युवाओं की संख्या एक साल के अंदर ही दोगुना बढ़ गई। यह 60 फीसदी बढ़ोतरी थी। अपना करियर बदलकर एआई का फील्ड अपनाने वाले अनुभवी युवाओं का प्रतिशत 65 फीसदी रहा।

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