लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन मैनेजमेंट क्या है? 2022 में इस कोर्स को कैसे करे?

लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन मैनेजमेंट 2022: देश से लेकर विदेश तक ई-कॉमर्स कंपनियों के बढ़ते कारोबार के चलते लॉजिस्टिक्स में करियर के नए-नए विकल्प सामने आ रहे हैं। खाद्य पदार्थों एवं आवश्यक सामग्री की आपूर्ति के लिए ग्राहक होम डिलीवरी को तरजीह दे रहे हैं. ऐसे में इ-कॉमर्स और इ- ग्रॉसरी कंपनियां स्थापित लॉजिस्टिक्स कंपनियों पर निर्भर रहने की बजाय ग्राहकों को तीव्र डिलीवरी देने के लिए अपनी लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट सेवाएं को शुरू करने के अलावा बेहतर बनाने का हर संभव प्रयास कर रही हैं. ऐसे में लॉजिस्टिक्स सेक्टर (logistics industry) युवाओं के लिए संभावनाओं भरा क्षेत्र बन कर उभर रहा है एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 तक यह सेक्टर 10.5 फीसदी CAGR की दर से बढ़ेगा। ऐसे में युवा इस लॉजिस्टिक मैनेजमेंट (logistic management) क्षेत्र को अपनाकर अपने करियर को नई उड़ान दे सकते हैं।

किसी भी उत्पाद को बेहतर तरीके से, कम से कम समय में और सस्ते दर पर उपभोक्ता तक पहुंचने की प्रकिर्या को लॉजिस्टिक मैनेजमेंट या सप्लाई चेन मैनेजमेंट (एससीएम) कहते है। इस बेहतर लॉजिस्टिक्स प्रबंधन और सप्लाई चेन मैनेजमेंट (logistics and supply chain management) की वजह से आज के समय में दुनिया के किसी एक कोने में उत्पादित सामान को, किसी दूसरे कोने में आसानी से भेजा जाता है।

लॉजिस्टिक मैनेजमेंट क्या है?

किसी वस्तुओं एवं अन्य संसाधनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुचारु रूप से पहुंचाने की कार्यप्रणाली को ही लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कहते हैं. यह बुनियादी ढांचे, तकनीक और नए प्रकार के सर्विस प्रदाताओं के व्यापार से संबंधित सेक्टर है। जिसमे अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर सेवाओं के नेटवर्क के जरिये वस्तुओं की आवाजाही का काम होता है. मतलब साफ है की इसमें सामान के उत्पादन के बाद बाजार और उपभोक्ता के घर तक पहुंचाने का पूरी प्रक्रिया शामिल होती है। वो भी कम से कम दाम में. लॉजिस्टिक्स को अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।

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लॉजिस्टिक्स में अपना करियर बनाने का सोच रहे युवाओं को इस क्षेत्र को बारीकी से समझना बेहद जरूरी होता है क्योकि इसमें अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर सेवाओं के नेटवर्क के जरिये वस्तुओं की आवाजाही का काम होता है इसमें मालवहन के साथ साथ सोर्सिंग/ प्रोक्योरमेंट, डिस्ट्रीब्यूशन, वेयरहाउस, वस्तुओं की हैंडलिंग, पैकेजिंग एवं सामान की सुरक्षा आदि शामिल होता हैं लॉजिस्टिक्स एक अकेला ऐसा सेक्टर है, जो सड़क, रेल, वायु और जल मार्ग तक से जुड़ा है।

लॉजिस्टिक्स प्रोफेशनल क्या काम करना होगा

इसके अंतर्गत लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल को पैकेजिंग वेयर हाउसिंग सिस्टम, डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम से लेकर सप्लाई चेन मैनेजमेंट तक का काम देखना होता है। इसके अलावा लेबर मैनेजमेंट, कस्टमर को-ऑर्डिनेशन, परचेजिंग जैसे क्षेत्र भी लॉजिस्टिक्स के अंतर्गत आते हैं। मतलब सामान के उत्पादन से लेकर उपभोक्ता के घर तक उसे सही-सलामत पहुंचाने की जिम्मेदारी लॉजिस्टिक्स मैनेजर की ही होती है।

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शैक्षणिक योग्यता लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में प्रवेश के लिए जरूरी

बारहवीं (12th) के बाद लॉजिस्टिक कोर्स करने के लिए सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या अंडर ग्रेजुएट (यूजी) कोर्स कोर्स में दाखिला ले सकते है. वही पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) कोर्स में दाखिले के लिए किसी भी विषय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। . इसके अलावा कुछ शैक्षणिक संस्थान लॉजिस्टिक कोर्स दसवीं पास करने के बाद भी कोर्स करवाते हैं।

लॉजिस्टिक अंडर ग्रेजुएट कोर्स तीन साल और पीजी कोर्स दो वर्ष का होता है। पीजी स्तर के डिप्लोमा कोर्स चार महीने से लेकर दो वर्ष के होते हैं। लॉजिस्टिक्स में बीबीए या बीबीएम भी कर सकते हैं. इसके बाद एमबीए करना एक अच्छा विकल्प है।

लॉजिस्टिक्स, रिटेलिंग एवं इ-कॉमर्स में बीबीए में प्रवेश के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में 12वीं पास एवं इंग्लिश में 10वीं या 12वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना जरुरी है. साथ ही लॉजिस्टिक्स में बीबीए करने के इच्छुक युवा की न्यूनतम आयु 17 वर्ष एवं अधिकतम 25 वर्ष होनी चाहिए.।

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ट्रांसपोर्टेशन एवं लॉजिस्टिक मैनेजमेंट और पोर्ट एवं शिपिंग मैनेजमेंट में एमबीए में प्रवेश के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में बैचलर डिग्री एवं 1

0वीं या 12वीं या ग्रेजुएशन में इंग्लिश विषय में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना चाहिए. इन मास्टर कोर्सेज में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीइटी) भी पास करना जरुरी है।

लॉलॉजिस्टिक और सप्लाई चेन मैनेजमेंट प्रमुख कोर्स

लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में अलग-अलग क्षेत्र से संबंधित सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, बैचलर और पोस्ट ग्रेजुएट के खास कोर्स कराए जाते हैं। ऐसे में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में करियर बनाने के लिए सही कोर्स का चुनाव करना बहुत होता है। जिसका लिस्ट नीचे दिया गया है

डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स इन लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट

  • लॉजिस्टिक मैनेजमेंट
  • लॉजिस्टिक्स एंड पोर्ट मैनेजमेंट
  • सर्टिफिकेट इन सप्लाई चेन मैनेजमेंट
  • डिप्लोमा इन सप्लाई चेन मैनेजमेंट
  • Diploma इन लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग
  • डिप्लोमा इन लॉजिस्टिक मैनेजमेंट

बैचलर कोर्स इन लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट

  • बैचलर इन सप्लाई चेन मैनेजमेंट
  • बीबीए लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग
  • बीबीएम लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग

पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स इन लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट

  • पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स इन लॉजिस्टिक्स एंड एससीएम
  • एमबीए इन लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट
  • MBS इन मटीरियल्स एंड लॉजिस्टिक मैनेजमेंट
  • एमबीए इन लॉजिस्टिक्स एंड इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट

लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट कोर्स के अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए अलग-अलग कोर्स फीस हैं। डिप्लोमा कोर्स के लिए फीस 30 हजार से एक लाख रुपये तक है। जबकि यूजी कोर्स के लिए फीस 50 हजार से तीन लाख रुपये के बीच है। पीजी कोर्स के लिए न्यूनतम एक लाख रुपये फीस देनी पड़ सकती है।

लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट बेस्ट इंस्टीट्यूट/यूनिवर्सिटी

  • जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा
  • देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, इंदौर
  • सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता
  • भारतीय प्रबंधन संस्थान, उदयपुर
  • इंस्टीट्यूट ऑफ लॉजिस्टिक्स चेन्नई
  • आईटीएम स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, ग्वालियर
  • लाल बहादुर शास्त्री प्रबंधन संस्थान, दिल्ली
  • एकेडमी ऑफ मैरीटाइम एजुकेशन एंड ट्रेनिंग, मुंबई
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैटेरियल मैनेजमेंट, नवी मुंबई
  • एशियन काउंसिल ऑफ लॉजिस्टिक मैनेजमेंट, कोलकाता
  • कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड इकोनॉमिक्स स्टडीज, देहरादून
  • इंस्टीट्यूट ऑफ लॉजिस्टिक्स एंड एविएशन मैनेजमेंट, नई दिल्ली
  • स्कूल ऑफ बिजनेस, यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ

Supply Chain Management (SCM)  लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं

  • कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट)
  • मैनेजमेंट एप्ट्यूिड टेस्ट (मैट) 
  • एक्सजेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट (जैट) 
  • कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (सीमैट)

Logistics and supply chain career opportunities

इस लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट कोर्स को करने के बाद आप लॉजिस्टिक्स ऑफिसर, डिमांड प्लानर, लॉजिस्टिक्स एग्जीक्यूटिव, कस्टमर सर्विस मैनेजर, लॉजिस्टिक्स एवं डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजर, इन्वेंटरी कंट्रोल मैनेजर , सप्लाई चेन मैनेजर, प्रोडक्शन प्लानर, वेयरहाउस सुपरवाइजर, परचेजिंग मैनेजर, शिपिंग कोऑर्डिनेटर, ट्रांसपोर्ट मैनेजर, वेयरहाउस ऑपरेशंस मैनेजर, रिटेल मैनेजर आदि के तौर पर अपना करियर बना सकते है इसके अलावा इस लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट कोर्स को करने के बाद खुद का स्टार्टअप भी शुरू कर सकते है.

salary in logistics and supply chain management

लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में काम करने वाले लोगो को काफी बढ़िया सैलरी पैकेज दिया जाता है। डिप्लोमा कोर्स करने के बाद इस क्षेत्र में शुरुआत में तीन-साढ़े तीन लाख से पांच लाख सालाना सैलरी आसानी से मिल जाती है। वहीं, एक लॉजिस्टिक्स मैनेजर को शुरुआत में पांच लाख रुपये तक का सालाना सैलरी दिया जाता है जो की समय और अनुभव के साथ बढ़ता जाता है।

इस पोस्ट में हमने आपको बताया की लॉजिस्टिक मैनेजमेंट और सप्लाई चेन मैनेजमेंट क्या होता है? और लॉजिस्टिक्स कोर्स कैसे कर सकते हैं हमें उम्मीद है की logistics and supply chain management के बारे में आपको सभी जानकारी मिल गया होगा अगर logistics and supply chain management पोस्ट से सम्बंधित आपके पास कोई प्रश्न है तो कृपया कमेंट कर के पूछे हम उसका जबाब जल्द से जल्द देने के कोशिश करेंगे।

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